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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी मामले में सीआईडी की जांच अब जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की ओर मुड़ गई है। सीआईडी ने मंगलवार को परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में यह इस साल पहली गिरफ्तारी है। सुषमा सीजीएल परीक्षा पास कर सहायक प्रशाखा पदाधिकारी बनी और मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग में तैनात थी। वहीं अक्षय महिला एवं बाल विकास विभाग में था। उसने जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी भी पास की थी। सीआईडी ने मंगलवार को नामकुम स्थित अभय के आवास पर छापेमारी की। पूछताछ के बाद दोनों को सीआईडी मुख्यालय लाया गया। वहां लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। अब दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। भर्ती घोटाले में अब तक 24 गिरफ्तारी हुई है। इनमें 22 गिरफ्तारी जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी मामले में और दो जेएसएससी सीजीएल परीक्षा मामले में हुई है। अब सीआईडी दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। सीआईडी जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ा रही है, फर्जीवाड़े की परतें खुलती जा रही है। जांच में पता चला कि अभय ने न सिर्फ एक दर्जन से अधिक परीक्षा पास की, बल्कि पत्नी और भाई को भी सरकारी विभागों में मलाईदार पद पर बैठा दिया। गौरतलब है कि इस मामले में सीआईडी थाने में 1 जनवरी 2025 को केस (कांड संख्या 01/2025) दर्ज किया गया था। सीआईडी ने सुधीर से पूछा-जब दूसरी एजेंसी ले रही थी परीक्षा तो अभय तिवारी ने कैसे की सेंधमारी सीआईडी ने जेएसएससी के सचिव सुधीर गुप्ता से मंगलवार को दूसरे दिन भी लंबी पूछताछ की। सीआईडी ने पूछा कि सीजीएल की परीक्षा किसी और एजेंसी ने संचालित की थी तो उसमें अभय तिवारी और उसके सिंडिकेट ने कैसे सेंधमारी की। अब तक सीजीएल में जिन तीन लोगों के गलत तरीके से चयन की बात सामने आई है, उनमें अभय तिवारी के अलावा उसकी पत्नी और भाई शामिल है। सीआईडी सुधीर से पता लगा रही है कि जिस एजेंसी ने सीजीएल परीक्षा का संचालन किया, उसे काम कैसे मिला। किसके समय में उस एजेंसी को जेएसएससी ने काम आवंटित किया। उक्त एजेंसी ने परीक्षा से जुड़े कौन-कौन से काम लिए। क्या उस कंपनी की जांच की गई। इस मामले में अब सुधीर गुप्ता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गिरफ्तारी भी हो सकती है। गौरतलब है कि पीजीटी टीचर भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सीआईडी ने सोमवार को जेएसएससी ऑफिस पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। इस मामले में सीआईडी ने सुधीर गुप्ता से लंबी पूछताछ की थी। फिर उन्हें मंगलवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। मंगलवार को भी उनसे लंबी पूछताछ हुई। सीआईडी जानना चाहती है कि आखिर इस परीक्षा में टीडीपीएल की क्या भूमिका थी। क्योंकि पता चला था कि इस परीक्षा में रिमोट एक्सेस के द्वारा अभ्यर्थियों को पास कराया गया था। अभ्यर्थी एक कंप्यूटर पर बैठे थे, वहीं दूसरे कमरे में सॉल्वर गैंग उनके कंप्यूटर को रिमोट पर लेकर सवालों को हल कर रहे थे। अभय तिवारी के खुलासे के बाद ही सीआईडी ने यह कार्रवाई की थी। सीएम हाउस घेराव नहीं, सीबीआई जांच के लिए आंदोलन जारी रहेगा जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने 20 अगस्त को प्रस्तावित सीएम हाउस घेराव का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। मंच ने मंगलवार को कहा कि सीएम के सकारात्मक रुख को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। लेकिन आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। सीबीआई जांच, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, सुधार और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। रूपेश पाल और सबीता ने अनशन खत्म नहीं किया है। सीबीआई जांच की घोषणा के बाद ही आंदोलन खत्म होगा। उधर, जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के छात्र नेता देवेंद्र महतो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह जीत आंदोलन के पहले चरण की सफलता है। लेकिन संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। दूसरे चरण में ऐसी पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग की जाएगी, जिसमें पेपर लीक, धांधली और पैरवी की कोई गुंजाइश न रहे। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया की निगरानी के लिए समिति गठन, प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर वितरण तक प्रत्येक चरण का ऑडिट और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। इधर जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी मामले में तीन आरोपी रिमांड पर सीआईडी ने 14वीं सिविल सेवा पीटी में धांधली के आरोप में गिरफ्तार मनोज कुमार, रौशन केरकेट्टा और उमाकांश उरांव को पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान इन आरोपियों से परीक्षा सेटिंग के पूरे नेटवर्क, इसमें शामिल बिचौलियों, ओएमआर शीट में हेराफेरी के तौर-तरीकों और लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों के संबंध में आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। इस पूछताछ में सिंडिकेट से जुड़े सफेदपोशों के चेहरे उजागर हो सकते हैं। ओएमआर शीट की जांच दो दिन में पूरी होगी… जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी में गड़बड़ी मामले की जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सीआईडी ने सफल अभ्यर्थियों से ओएमआर शीट की कॉर्बन कॉपी मांगी थी। कुल 2204 सफल अभ्यर्थियों में से 1750 ने यह कॉपी सीआईडी को उपलब्ध कराई है। इसका मूल कॉपी से मिलान किया जा रहा है। दो दिन में यह जांच पूरी हो जाएगी। उधर जिन 454 अभ्यर्थियों ने कॉपी उपलब्ध नहीं कराया, वे सीआईडी के राडार पर हैं। जांच के बाद इन अभ्यर्थियों पर कार्रवाई हो सकती है।
