![]()
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के सिस्टम पर हुआ प्रशासनिक प्रहार देश के भर्ती इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ‘सिंगल-डे एक्शन’ बन गया है। कार्मिक विभाग द्वारा एक ही दिन में 22 परीक्षाएं रद्द करने, 6 को स्थगित रखने और वर्ष 2013 से अब तक की 17 पिछली बहालियों को बैकडेट सीआईडी जांच के दायरे में लाने का फैसला अभूतपूर्व है। देश में इससे पहले मध्य प्रदेश का चर्चित व्यापमं कांड, राजस्थान का REET व एसआई विवाद, उत्तराखंड का यूकेएसएसएससी प्रकरण और उत्तर प्रदेश के सिपाही भर्ती व यूपीटेट पेपर लीक मामले सुर्खियों में रहे हैं। हालांकि, उन सभी राज्यों में या तो एक-दो एकल परीक्षाएं रद्द हुईं या फिर वर्षों चली कानूनी व जांच प्रक्रियाओं के बाद किश्तों में कार्रवाई की गई। झारखंड पहला राज्य बन गया है, जहां सरकार ने गजट नोटिफिकेशन के जरिए एक साथ 21 विज्ञापनों को एक झटके में खारिज कर दिया। दूसरे राज्यों में भी पेपर लीक पर बड़ी कार्रवाई 22 परीक्षाएं रद्द, 17 पुरानी परीक्षाओं में संभावित अनियमितता की सीआईडी जांच और 6 परीक्षाओं का काम अगले आदेश तक स्थगित किया गया है। यानी अलग-अलग स्तर पर 45 परीक्षाएं कार्रवाई के दायरे में हैं। रद्द परीक्षाओं में जेपीएससी की 21 और जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा शामिल है। जांच का दायरा करीब डेढ़ दशक पुराने परीक्षा रिकॉर्ड तक पहुंच गया है। उत्तराखंड : 2022 : यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले के बाद 13 विभागों में 5,363 पदों की भर्ती निरस्त की गई और ये पद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को ट्रांसफर किए गए। इस सूची में पुलिस सिपाही, राजस्व उप निरीक्षक/लेखपाल, बंदी रक्षक, वन आरक्षी, अवर अभियंता समेत कई भर्तियां थीं। राजस्थान : 2021-22 : आरईईटी-2021 का लेवल-2 पेपर पेपर लीक मामले के बाद रद्द किया गया। इसके बाद RPSC की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 का सामान्य ज्ञान पेपर भी लीक होने के कारण रद्द कर दोबारा कराने का फैसला हुआ। उत्तर प्रदेश : 2024 : पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा रद्द की गई। इसमें 60,244 पदों के लिए 48 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। इसी साल आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा भी रद्द हुई, जिसमें 411 पद और 10.76 लाख पंजीकृत अभ्यर्थी थे। दोनों मामलों में दोबारा परीक्षा कराई गई/कराने का फैसला हुआ और एसटीएफ जांच में लगी। हरियाणा : 2021 : ग्राम सचिव की लिखित परीक्षा और पुरुष कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक की शिकायतों के बाद रद्द की गईं। ग्राम सचिव परीक्षा करीब 700 पदों के लिए थी, जबकि कांस्टेबल परीक्षा में करीब 10,300 अभ्यर्थी शामिल होने वाले थे। झारखंड का फैसला अलग क्यों दिखता है? 1. एक साथ 22 परीक्षाएं रद्द : झारखंड में कार्रवाई किसी एक भर्ती परीक्षा तक सीमित नहीं रही। जेपीएससी की 21 और जेएसएससी की सीजीएल समेत 22 परीक्षाएं रद्द की गई हैं। इनमें अलग-अलग विभागों और पदों की भर्ती शामिल है। 2. पुराने रिकॉर्ड तक पहुंची जांच : 17 परीक्षाओं की सीआईडी जांच में 2010 से 2022 तक की परीक्षाएं शामिल हैं। सूची में वाणिज्यिक कर, संयुक्त असैनिक सेवा, सिविल जज, फूड सेफ्टी ऑफिसर, संयुक्त असिस्टेंट इंजीनियर और डेंटल डॉक्टर भर्ती जैसी परीक्षाएं हैं। 3. परीक्षा कराने वाली एजेंसी भी जांच के दायरे में : छह परीक्षाओं में प्रारंभिक परीक्षा से जुड़ी एजेंसी के क्रेडेंशियल्स की जांच सीआईडी को दी गई है। जांच पूरी होने तक इन परीक्षाओं का काम स्थगित रहेगा। इसके साथ जेपीएससी-जेएसएससी में इंटरनल मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ और परीक्षा सुधार कमेटी बनाने का फैसला लिया गया है।
