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बोकारो में एनटीपीसी नेशनल रैंकिंग तीरंदाजी टूर्नामेंट 2026 का बुधवार को आगाज हुआ। सेक्टर-4 स्थित मोहन कुमार मंगलम स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया। देशभर से करीब 900 तीरंदाज इसमें हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें विश्व चैंपियन रजत चौहान और दीपिका जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। उद्घाटन समारोह में कई जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और खेल संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए झारखंड को ‘लैंड ऑफ आर्चरी’ बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में तीरंदाजी की प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और खिलाड़ियों को उचित मंच मिलने पर वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। बोकारो तीरंदाजी संघ की सचिव एंजेला सिंह ने बताया कि बोकारो में पहली बार इतने बड़े स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से खिलाड़ी यहां पहुंचे हैं। प्रतियोगिता में विश्व चैंपियन रजत चौहान और दीपिका जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। अर्जुन पुरस्कार विजेता और प्रशिक्षक राहुल बनर्जी सहित लगभग 15 से 20 अर्जुन पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ी तथा पद्मश्री सम्मानित खिलाड़ी भी इस आयोजन का हिस्सा हैं। बुधवार को बारिश के कारण प्रतियोगिता शुरू होने में कुछ देरी हुई, लेकिन खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का उत्साह बना रहा। मैदान पर देश के अनुभवी तीरंदाजों के साथ युवा खिलाड़ियों ने भी अपना निशाना साधा। विश्व चैंपियन और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त रजत चौहान ने बताया कि तीरंदाजी ने उनके करियर को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि इसी खेल की बदौलत वह राजस्थान पुलिस में डीएसपी बन पाए। रजत चौहान ने यह भी कहा कि इस खेल में युवाओं के लिए बेहतर भविष्य है, लेकिन इसके लिए एकाग्रता, अनुशासन और लगातार मेहनत आवश्यक है। उन्होंने नए खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे अपना ध्यान भटकने न दें और पूरी एकाग्रता के साथ खेल पर केंद्रित रहें। रजत चौहान ने बताया कि उन्होंने 2014 एशियन गेम्स में स्वर्ण और 2018 एशियन गेम्स में रजत पदक जीता है। व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि भी उनके नाम है। अब उनका लक्ष्य 2028 ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है। उन्होंने कहा कि कई बड़ी प्रतियोगिताएं खेलने के बावजूद ओलंपिक में पदक जीतने का सपना अभी बाकी है और इसकी तैयारी लगातार जारी है। आयोजकों का कहना है कि पिछले करीब एक दशक में भारत में तीरंदाजी का स्तर तेजी से बेहतर हुआ है। खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अधिक अवसर मिल रहे हैं। प्रतियोगिता का आयोजन झारखंड तीरंदाजी संघ और बोकारो जिला तीरंदाजी संघ के सहयोग से किया जा रहा है। डॉ. लम्बोदर महतो, पूर्णिमा महतो और एंजेला सिंह समेत संघ के पदाधिकारी आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। आयोजकों ने खेलप्रेमियों से प्रतियोगिता स्थल पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की है।
