
Purnia News: मेरठ में कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामले में मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद जांच की कड़ी अब पूर्णिया के मीरगंज गांव तक पहुंच गयी है. मंगलवार को रौटा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों की टीम जफर के पैतृक घर पहुंची. करीब तीन घंटे तक चली पूछताछ में सुरक्षा एजेंसियों ने परिवार से उसकी पढ़ाई, मदरसे से जुड़े काम, शादी, घर से बाहर रहने और मेरठ पहुंचने तक की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली.
जफर को उत्तर प्रदेश के मेरठ से यूपी एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद से कथित जुड़ाव और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के मामले में गिरफ्तार किया है. हालांकि, उसके खिलाफ लगाए गये आरोपों और उसकी कथित भूमिका की पूरी तस्वीर जांच एजेंसियों की आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
मीरगंज पहुंची पुलिस-एसएसबी की टीम, परिवार से पूछे कई सवाल
गिरफ्तारी के दूसरे दिन सुरक्षा एजेंसियों की टीम जफर के पैतृक गांव मीरगंज पहुंची. अधिकारियों ने उसके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से लंबी पूछताछ की.
जांच का फोकस इस बात पर रहा कि जफर बचपन से कहां पढ़ा, किन मदरसों में रहा, किन लोगों के संपर्क में आया और हाल के दिनों में किन-किन जगहों पर गया. परिवार से उसके घर से निकलने के बाद की पूरी गतिविधियों की जानकारी भी मांगी गयी.
जफर के पिता मो. जहीर खेती करते हैं, जबकि मां गृहिणी हैं. परिवार में माता-पिता के अलावा चार पुत्र और सात पुत्रियां हैं. उसके बड़े भाई तबरेज, परवेज और असगर सूरत में काम करते हैं.
परिवार के अलग-अलग सदस्यों के अलग स्थानों पर रहने की जानकारी भी पूछताछ के दौरान ली गयी.
घर से निकलकर पहले मधेपुरा, फिर पहुंचा मेरठ
जांच एजेंसियों के लिए जफर के हाल के ठिकाने भी अहम हो गये हैं. परिजनों के अनुसार वह करीब 25 दिन पहले घर से निकला था. बताया गया कि घर से निकलने के बाद वह पहले मधेपुरा गया और फिर वहां से मेरठ पहुंचा.
अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मधेपुरा में वह कहां रहा था और वहां किन लोगों से उसका संपर्क हुआ. इसके बाद वह मेरठ कैसे पहुंचा और वहां किन लोगों के संपर्क में रहा, इसकी भी पड़ताल की जा रही है.
यही वजह है कि जफर की गिरफ्तारी के बाद जांच केवल उसके पैतृक गांव या मेरठ तक सीमित नहीं रह गयी है. सुरक्षा एजेंसियां उसके आने-जाने और संपर्कों की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही हैं.
मई में हुई थी शादी, इसके बाद पहली बार निकला था घर से
परिवार से पूछताछ में जफर की हाल में हुई शादी की जानकारी भी सामने आयी. परिजनों के अनुसार उसकी शादी इसी वर्ष मई में किशनगंज जिले के बहादुरगंज प्रखंड क्षेत्र के कन्हरिया बाड़ी में हुई थी.
परिवार का कहना है कि शादी के बाद वह पहली बार घर से बाहर निकला था. करीब 25 दिन पहले घर से निकलने के बाद वह मधेपुरा गया और फिर मेरठ पहुंचा, जहां यूपी एटीएस ने उसे गिरफ्तार किया.
सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस दौरान उसने किन लोगों से संपर्क किया और उसके सफर का वास्तविक उद्देश्य क्या था.
गांव के मदरसे से शुरू हुई पढ़ाई, बुलंदशहर में पूरी की मौलवी की शिक्षा
जफर की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गयी है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार उसने शुरुआती पढ़ाई मीरगंज गांव के ही मदरसे से शुरू की थी.
इसके बाद वह बुलंदशहर गया, जहां एक मदरसे में रहकर मौलवी तक की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के दौरान उसका गांव आना-जाना भी जारी रहा. बुलंदशहर से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह वापस पूर्णिया लौटा.
बताया गया कि बाद में उसने पूर्णिया के माधोपाड़ा स्थित एक मदरसे में बच्चों को पढ़ाने का काम किया. सुरक्षा एजेंसियां उसके इस शैक्षणिक और सामाजिक संपर्क के दौरान बने संबंधों की भी जानकारी जुटा रही हैं.
हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी के साथ सूरजापुरी भाषा की जानकारी
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार जफर हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी के अलावा क्षेत्रीय भाषा सूरजापुरी भी जानता है. अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान उसकी भाषाई और शैक्षणिक पृष्ठभूमि से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी ली.
हालांकि, केवल किसी व्यक्ति की शिक्षा, भाषा या धार्मिक संस्थान से जुड़े होने के आधार पर उसकी किसी आपराधिक गतिविधि में भूमिका निर्धारित नहीं की जा सकती. उसकी वास्तविक भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही सामने आयेगा.
पासपोर्ट की जानकारी ने बढ़ायी जांच
जफर के नाम से पासपोर्ट बने होने की जानकारी भी सामने आयी है. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पासपोर्ट से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं.
जांच में यह देखा जा रहा है कि पासपोर्ट कब और किस प्रक्रिया के तहत बना, इसके लिए कौन-कौन से दस्तावेज इस्तेमाल हुए और उससे संबंधित कोई यात्रा रिकॉर्ड है या नहीं. एजेंसियां इस संबंध में पासपोर्ट कार्यालय से भी जानकारी ले सकती हैं.
गिरफ्तारी की खबर से परिवार सदमे में
जफर की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद उसके परिवार में सदमे का माहौल है. परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जफर का नाम किसी कथित आतंकी गतिविधि से जुड़े मामले में सामने आयेगा.
पूछताछ के दौरान उसके पिता की तबीयत भी बिगड़ गयी और वह कुछ देर के लिए बेहोश हो गये. परिवार के सदस्यों ने किसी तरह उन्हें संभाला.
गांव में भी गिरफ्तारी के बाद से चर्चा तेज है. हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की जांच पूरी होने तक जफर की कथित भूमिका और उसके संपर्कों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
Purnia News: एनआईए के इनपुट पर यूपी एटीएस की कार्रवाई का दावा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार एनआईए के इनपुट के आधार पर यूपी एटीएस ने जफर को मेरठ से गिरफ्तार किया. एजेंसियों को कथित तौर पर उसके प्रतिबंधित संगठन से संपर्क और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की जानकारी मिली थी.
आरोप है कि वह मदरसों और मस्जिदों के नाम पर चंदा एकत्र करता था और उस धन को क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से पाकिस्तान में मौजूद कथित आतंकी हैंडलर्स तक पहुंचाने की कोशिश करता था. इन आरोपों की पुष्टि जांच एजेंसियों की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया से होगी.
फिलहाल एजेंसियां उसके वित्तीय लेन-देन, संपर्कों, यात्रा और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं. पूर्णिया में हुई पूछताछ को इसी जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है.
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