![]()
उत्तराखंड के हरिद्वार में 20 से 23 अगस्त तक आयोजित होने वाली राष्ट्रीय ग्रेप्लिंग कुश्ती प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए स्पोर्ट्स अकादमी गुमला के पांच मेधावी खिलाड़ियों का दल मंगलवार को स्थानीय टावर चौक से रवाना हुआ। यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए बेहद खास है, क्योंकि इसमें पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तुर्की के इस्तांबुल में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का स्वर्णिम अवसर मिलेगा। झारखंड राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे इन खिलाड़ियों में बालक और बालिका दोनों वर्ग शामिल हैं। बालक वर्ग से अरिब अब्दीन, नीरज मांझी और रोशन कुमार साहू (सभी एसएस हाई स्कूल, गुमला) तथा बालिका वर्ग से मोनिका टोप्पो और प्रीति रोसा टोप्पो (दोनों संत पैट्रिक उच्च विद्यालय, गुमला) का चयन हुआ है। इन सभी खिलाड़ियों का खेल करियर काफी शानदार रहा है। इन्होंने नेपाल के काठमांडू में आयोजित साउथ एशियन गेम्स और गोरखपुर में हुई कुश्ती प्रतियोगिताओं में पहले भी पदक हासिल कर देश और राज्य का मान बढ़ाया है। खिलाड़ियों की इस शानदार उपलब्धि से खेल नगरी गुमला में उत्साह का माहौल है। अधिकारियों और खेल प्रेमियों में उत्साह है। स्पोर्ट्स अकादमी के निदेशक सैयद जुन्नु रेन ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुमला के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले देहरादून और केरल में आयोजित राष्ट्रीय खेलों के साथ-साथ हैंडबॉल, रेसलिंग, कॉम्बैट कुश्ती और क्रिकेट में भी अकादमी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि हरिद्वार में भी ये खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि प्रतियोगिता संपन्न होने और खिलाड़ियों के वापस लौटने पर जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों के समक्ष उनका विशेष सम्मान किया जाएगा। इस पूरी प्रतियोगिता के लिए जा रही टीम का नेतृत्व झारखंड राज्य कुश्ती संघ के वाईस प्रेसिडेंट हाफिजुर रहमान कर रहे हैं। खिलाड़ियों को विदा करने और उनका हौसला बढ़ाने के लिए टावर चौक पर स्पोर्ट्स अकादमी के निर्देशक सैयद जुन्नु रेन, खिस्टरीना टोप्पो, असर अब्दीन और नसीम खान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। गुमला वासियों को पूरी उम्मीद है कि उनके ये युवा पहलवान हरिद्वार में परचम लहराकर तुर्की का टिकट पक्का करेंगे और झारखंड का नाम रोशन करेंगे।
