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झारखंड हाईकोर्ट द्वारा रद्द परीक्षाओं पर रोक लगाने से छात्रों का गुस्सा एक बार फिर भड़क गया। जेपीएसएसी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के छात्रों ने आज राज्यभर में प्रदर्शन किया। रांची में छात्र मोरहाबादी मैदान में जुटे। सीएम व राहुल गांधी का पुतला फूंकने के लिए निकले। वे लोग रेडियम रोड, कचहरी चौक होते हुए अलबर्ट एक्का चौक की ओर जा रहे थे। तभी रांची यूनिवर्सिटी के पास जूही कुमारी के हाथ से पुतला छीनने का प्रयास किया। इससे वहां मारपीट हो गई। पुलिस ने बदसलूकी के आरोप में एक युवक को हिरासत में ले लिया। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने अलबर्ट एक्का चौक की ओर जा रहे छात्रों को रोक दिया। रिफॉर्म मंच के प्रवक्ता रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि पुतला दहन कार्यक्रम को बिगाड़ने की कोशिश की गई है। आंदोलन को खराब करने के लिए झामुमों के लोगों को भेजा जा रहा है। आरोप…मंच के सदस्य को पुलिस ने बेहोशी की हालत में छोड़ा : इस विवाद के दौरान पुलिस ने मंच से जुड़े कुणाल प्रताप को गाड़ी में बैठा लिया। छात्रों का आरोप है कि कुणाल को पुलिस ने बेहोशी की हालत में रास्ते में छोड़ दिया। इसके बाद उन्हें ई-रिक्शा से लेकर छात्र सदर अस्पताल पहुंचे। इस दौरान सदर अस्पताल में भी पुलिस और छात्रों के बीच तनातनी की स्थिति रही। हजारीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज जेपीएससी-जेएसएससी नियुक्ति मामले में शुक्रवार शाम सीएम और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला फूंकने गए छात्र-छात्राओं की पुलिस से भिड़ंत हो गई। छात्र पुतला दहन करने गांधी मैदान पहुंचे थे। वहां पुलिस ने उन्हें पुतला दहन करने से रोका। छात्र नहीं माने तो पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ा। गिरिडीह में भी बवाल, पुलिस ने शांत कराया जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले छात्र पुतला दहन के लिए जुटे, लेकिन उनकी कोशिश सफल नहीं हो सकी। छात्रों ने आरोप लगाया कि वे लोग पुतला दहन करने झंडा मैदान पहुंचे थे। लेकिन झामुमो कार्यकर्ता पहुंच गए और छात्रों को हटाना शुरू कर दिया। पुलिस ने मामला शांत कराया। गढ़वा में पुतला दहन से रोका रिफॉर्म मंच के सदस्य टाउन हॉल मैदान से पुतला दहन के लिए निकल रहे थे। लेकिन मजिस्ट्रेट और पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में मजिस्ट्रेट और अधिकारियों ने समझा-बुझाकर उन्हें लौटाया।
