IGIMS में अनुबंध पर काम कर रहे सैकड़ों नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेटर और अन्य तकनीकी व गैर-तकनीकी कर्मचारियों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बकाए वेतन के भुगतान और मानदेय में वृद्धि की मांग की।
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प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पुरानी एजेंसी साईं कम्युनिकेशंस ने जुलाई में सेवा समाप्त होने के बावजूद उन्हें अंतिम महीने का पूरा वेतन नहीं दिया है।
वहीं, 1 अगस्त से कार्यभार संभालने वाली नई एजेंसी रजस एंटरप्राइजेज पर सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय के अनुरूप भुगतान न करने का आरोप है।
कर्मचारियों का कहना, कि वे पिछले 10 वर्षों से IGIMS में मरीजों की सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद उनके वेतन, चिकित्सा सुविधा और अवकाश जैसे बुनियादी अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बताया कि एजेंसी बदलने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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IGIMS में एकसाथ सैकड़ों नर्सिंग स्टाफ ने किया हंगामा।

धरने पर बैठे कर्मचारियों ने मेडिकल सुविधा और सवेतन अवकाश की मांग भी उठाई।
कर्मियों के अनुसार, साईं कम्युनिकेशंस के कार्यकाल के दौरान भी उन्हें कई सुविधाओं से वंचित रखा गया। उन्हें चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई और नियमानुसार छुट्टियों का लाभ भी नहीं मिला।
कर्मचारियों ने दावा किया कि इस पूरे मामले में अस्पताल प्रशासन ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। नई एजेंसी पर न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान का आरोप कर्मचारियों का सबसे बड़ा विरोध नई एजेंसी रजस एंटरप्राइजेज को लेकर है।
20 प्रतिशत वेतन बढ़ाने का विरोध
उनका आरोप है कि 1 अगस्त से नई एजेंसी ने केवल करीब 20 प्रतिशत वेतन बढ़ाने की बात कही है। कर्मचारियों का दावा है कि यह बढ़ोतरी सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी/मानदेय के मानक के अनुरूप नहीं है।
कर्मियों ने कहा कि IGIMS जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान में नर्सिंग, टेक्निकल और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों को नियमानुसार भुगतान मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि दिन-रात मरीजों की सेवा करने के बावजूद उन्हें उचित मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
मेडिकल सुविधा और पेड लीव की भी मांग
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने मेडिकल सुविधा और सवेतन अवकाश की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि नई व्यवस्था में भी इन सुविधाओं का स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है।
कर्मचारियों ने कहा कि अस्पताल में काम करने वाले कर्मियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा और छुट्टी की व्यवस्था जरूरी है, क्योंकि वे लगातार मरीजों और अस्पताल की जिम्मेदारियों के बीच काम करते हैं।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द
सम्मानजनक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रदर्शन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे मरीजों की सेवा प्रभावित नहीं करना चाहते, लेकिन लगातार अनदेखी होने पर उन्हें आंदोलन को और उग्र रूप से करने और अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा की है।
एजेंसियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है। मांगों में साईं कम्युनिकेशंस से बकाया अंतिम माह का पूरा वेतन दिलाना, रजस एंटरप्राइजेज से सरकार के नियमानुसार, न्यूनतम मानदेय दिलाना, मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराना, सवेतन अवकाश का प्रावधान करना शामिल है।
