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15 लाख तक के लोन पर मार्जिन मनी खत्म झारखंड सरकार ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की गाइडलाइन में बदलाव किया है। अब एडमिशन के समय छात्रों द्वारा जमा की गई प्रथम सेमेस्टर या प्रथम वर्ष की फीस की एकमुश्त प्रतिपूर्ति (रिइम्बर्समेंट) कर दी जाएगी। यह राशि वेब पोर्टल के माध्यम से लौटाई जाएगी। वहीं छात्रों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए 15 लाख रुपए तक के लोन पर 5% मार्जिन मनी को भी खत्म कर दिया गया है7 यह फैसला मंगलवार को हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 53 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत अब तक 3,434 विद्यार्थियों को 291 करोड़ का ऋण स्वीकृत हुआ है और 65 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए नालंदा यूनिवर्सिटी और साउथ एशियन यूनिवर्सिटी समेत भारत सरकार के सभी अधिसूचित केंद्रीय विश्वविद्यालयों को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया है। इन संशोधन से योजना अधिक छात्र-केंद्रित बनेगी और राष्ट्रीय संस्थानों में पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों की पहुंच आसान होगी। गौरतलब है कि पहले चार लाख से अधिक के लोन पर पांच फीसदी मार्जिन मनी का प्रावधान था, जिसे छात्रों को खुद वहन करना होता था। अनुसंधान और नवाचार पर 1834 करोड़ रु. खर्च होंगे राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान, नवाचार और प्री-इन्क्यूबेशन को सुदृढ़ करने के लिए ‘झारखंड छात्र अनुसंधान एवं नवाचार नीति’ को मंजूरी दी गई है। इस नीति के तहत पांच वर्षों (2026-31) में 1834.83 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके तहत स्टेट इनोवेशन पार्क और 300 से अधिक संस्थानों में ‘इंस्टीट्यूशन रिसर्च एंड इनोवेशन सेल’ स्थापित होंगे। 4,345 पंचायतों में सामाजिक नवाचार के लिए ग्रासरूट्स इंटर्नशिप, सीड फंडिंग, मुख्यमंत्री शोध फैलोशिप और पेटेंट सहायता जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इससे वर्ष 2030-31 तक हर साल 1,000 छात्र-नवाचारों को समर्थन, 30 हजार विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण और स्टार्टअप्स की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य है। ग्रास रूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप में 10 हजार छात्रों को हर साल छात्रवृत्ति
उच्च शिक्षा में पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए ‘झारखंड ग्रास रूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना’ के नए स्वरूप को स्वीकृति मिली है। राज्य के 10 हजार स्नातक छात्रों को 8 सप्ताह की इंटर्नशिप दी जाएगी। इसमें स्टाइपेंड 10 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपए किया गया है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब इसे राज्य की सभी 4,345 पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा। योजना के तहत छात्र गांवों का भ्रमण कर पारंपरिक ज्ञान और ग्रामीण नवाचारों का डिजिटल दस्तावेज तैयार करेंगे। विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति उम्र 67 से घटकर अब 65 साल
झारखंड के दो मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाई जाएगी। इसके अलावे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की उम्र 67 से घटाकर 65 साल कर दी गई है साल की जगह 65 साल में ही ये सेवानिवृत्त होंगे। सत्र 2026-27 से 2029-30 के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए एमजीएम के लिए 393 करोड़ और निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज के लिए 495 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। जेपीएससी-जेएसएससी में अब नई सेवा शर्त पर अधिकारी-कर्मचारी तैनात होंगे, समिति गठित
जेपीएससी और जेएसएससी में अब नई सेवा शर्त के आधार पर अधिकारी-कर्मचारी तैनात होंगे। दोनों आयोगों में हाल में हुई गड़बड़ियों को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। मंगलवार को सरकार ने इसके लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। वित्त सचिव और कार्मिक सचिव समिति के सदस्य होंगे। समिति की अनुशंसा के आधार पर सरकार नई दिशा-निर्देश तय करेगी। इसी के अनुसार जेपीएससी और जेएसएससी में अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती होगी। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि आयोगों की संवैधानिक और वैधानिक स्वायत्तता को अक्षुण्ण रखते हुए वहां पदस्थापित अधिकारियों व कर्मचारियों की सेवा शर्त और नियुक्ति प्रक्रिया तय की जाएगी। समिति मौजूदा सेवा शर्त और नियुक्ति प्रक्रिया की समग्र समीक्षा करेगी और नई व्यवस्था के लिए अपनी अनुशंसा देगी।
