लोहरदगा, गुरुकुल शांति आश्रम, लोहरदगा के निदेशक आचार्य सत्य चंद्र आर्य के निर्देशन में आयोजित वेद प्रचार सप्ताह के चौथे दिन ब्रह्मंडीहा ग्राम में हवन, वेदपाठ व प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गुरुकुल के ब्रह्मचारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वेदपाठ व हवन संपन्न कराया। कार्यक्रम में वीरांगना दल की बालवाड़ी शिक्षिकाओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर आचार्य सत्य चंद्र आर्य ने कहा कि वर्तमान समय में वेदों की शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को सुदृढ़ बनाने के लिए हमें वेदों की ओर लौटना होगा। वेदों में जीवन को बेहतर और संस्कारयुक्त बनाने का मार्गदर्शन मिलता है। बालकिशोर ने कहा कि वर्तमान समय में समाज के निर्माण एवं संस्कारों के विकास के लिए वेदज्ञान और हवन का विशेष महत्व है। उन्होंने लोगों से वैदिक परंपराओं व संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सुखदेव मुंडा, रवींद्र दत्ता, भूषण प्रसाद, शोभन प्रजापति, दिलीप साहू, कलावती उरांव, सुकाली प्रीति उरांव, अर्चना कुमारी, नितेश उरांव, सुमंती, नीलू, दीपक एवं आयुष सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के बीच कॉपी, पेन, पेंसिल, कटर, अन्य स्कूल सामग्री व मिठाइयों का वितरण किया गया। सामग्री और मिठाई मिलने से बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। वेद प्रचार सप्ताह के तहत अगले दिन बरकी चांपी में हवन व प्रवचन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
