पटना18 मिनट पहले
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पटना का लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP)। यहां 225 करोड़ रुपए से 6 मंजिला नया भवन बना। जिसकी छत से बारिश का पानी टपकना लगा है। कमरों की दीवारों पर सीलन और पानी के निशान देखे जा सकते हैं।
अस्पताल परिसर में भी बारिश का पानी जमा गया। झील जैसा नजारा लग रहा था। ऐसी स्थिति में मरीज, उनके परिजन और डॉक्टर को आने-जाने में काफी परेशानी हुई। अस्पताल कर्मचारियों को पानी निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। उन्हें बाल्टियों और दूसरे सामान का इंतजाम करना पड़ा।
मरीज के परिजन दीपक कहते हैं कि यहां तो मैं खुद भी बीमार हो जाऊंगा।
कुछ तस्वीरें…


डॉक्टक तक पहुंचने में सोचना पड़ रहा है
मां के इलाज के लिए LNJP पहुंचे संतोष कुमार ने बताया कि पूरा अस्पताल झील में बदल गया है। मरीजों को एक्स-रे और डॉक्टरों के पास जाने में सोचना पड़ रहा है।
दीघा के पुष्पक कुमार ने कहा, परिसर में इतना पानी भरा है कि जाना मुश्किल है। वैशाली जिले की वीणा देवी ने भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने पर दिक्कत बताई। उन्होंने कहा कि घुटने तक पानी जमा है, जिससे आने-जाने में परेशानी हो रही है।

मरीज और परिजन को फिसलन का डर LNJP एशिया का सबसे बड़ा हड्डी रोग अस्पताल हैं, बड़ी संख्या में मरीजों को एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई और अन्य जांच के लिए इसी रास्ते से जाना पड़ता है। बारिश के बाद जलजमाव के कारण मरीजों परेशानी हुई। व्हीलचेयर और स्ट्रेचर धकेलने वाले कर्मचारियों को भी काफी दिक्कत उठानी पड़ी। बारिश के बाद एलएनजेपी हड्डी अस्पताल के बरामदे तक पानी भर गया। हड्डी और ट्रॉमा के मरीजों को व्हीलचेयर और स्ट्रेचर से लाने-ले जाने में काफी परेशानी हुई। फिसलन की वजह से मरीजों के गिरने का भी खतरा बना रहा।

अस्पताल के अंदर भी बारिश का पानी।
हर साल यही हाल होता हर मानसून से पहले अस्पताल प्रशासन जल निकासी, भवन मरम्मत और मानसून तैयारी के दावे करता है। लेकिन बारिश में ये दावे धराशायी होते नजर आते हैं। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज का माहौल नहीं मिल पा रहा है।

