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आरक्षण में वर्गीकरण यानी कोटा में कोटा लागू करने की मांग को लेकर मुसहर-भुइयां समाज अब आंदोलन की तैयारी में है। समाज की बैठक में 12 सितंबर को पैदल मार्च निकालने का निर्णय लिया गया। गांधी मैदान से मार्च निकलेगा। इसके बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यह एलान गांधी मैदान में मुसहर भुइयां सेवा संघ की बैठक की गई। संघ का मानना है कि आरक्षण में वर्गीकरण का मुद्दा 19 वंचित जातियों के हित मे है। क्योंकि अनुसूचित जाति के भीतर भी कई समुदाय आज तक विकास की मुख्यधारा से दूर हैं। ऐसे समुदायों को विशेष अवसर मिलना चाहिए। जिला अध्यक्ष रामचंद्र मांझी ने कहा कि मुसहर-भुइयां समाज आज भी शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी पीछे है। ऐसे समाज को आगे लाने के लिए विशेष अवसर की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ उन लोगों तक भी पहुंचना चाहिए, जो लंबे समय से इससे वंचित हैं। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आलोक में शैक्षणिक, राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सर्वे कराने की मांग की। इसी आधार पर आरक्षण में वर्गीकरण लागू करने की बात कही गई। 12 सितंबर को हजारों लोगों के जुटने का दावा इस मौके पर राज्य कार्यकारिणी सदस्य ई. नंदलाल मांझी और नारायण मांझी ने कहा कि 12 सितंबर को पूरे गया जिले से हजारों लोग जुटेंगे। गांधी मैदान से पैदल मार्च निकाला जाएगा। मार्च के माध्यम से सरकार तक अपनी मांग पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कोटा में कोटा समय की मांग है। आरोप लगाया कि आरक्षण का लाभ कुछ वर्गों तक सीमित होकर रह गया है। जबकि मुसहर, भुइयां, डोम, मेहतर, गुलगुलिया, नट, चौपाल सहित कई समुदायों को भी बराबर अवसर मिलना चाहिए। शिक्षा और अंधविश्वास के खिलाफ भी अभियान उन्होंने कहा कि समाज में फैले अंधविश्वास को दूर करने और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जिम्मेदारी समाज के सभी लोगों की है। नेताओं ने कहा कि शिक्षा के बिना सामाजिक और आर्थिक बदलाव संभव नहीं है। अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल भेजने और उच्च शिक्षा दिलाने की जरूरत है।
‘कोटा में कोटा’ के लिए सड़क पर उतरेगा मुसहर-भुइयां समाज:12 सितंबर को गांधी मैदान से डीएम ऑफिस तक करेंगे पैदल मार्च, बोले- वंचितों को मिले आरक्षण
