Thursday, September 10, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

मधेपुरा में नारियल-मशरूम और आलू की खेती पर जोर:कृषि उत्पादन बढ़ाने को नई कार्ययोजना, 19वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में किसानों की ट्रेनिंग


मधेपुरा कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के प्रशिक्षण हॉल में गुरुवार को 19वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें जिले में पिछले वर्ष विभिन्न फसलों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी वर्ष में फसल उत्पादन बढ़ाने, किसानों को प्रशिक्षण देने, स्किल डेवलपमेंट और कृषि उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग को लेकर कार्ययोजना पर मंथन किया गया। प्रगतिशील किसानों को बनाया जाए रिसोर्स पर्सन बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आरके सोहाने बैठक में ऑनलाइन जुड़े। उन्होंने कहा कि मधेपुरा के किसान काफी जागरूक हैं। जिले के प्रगतिशील किसानों को दूसरे जिलों में रिसोर्स पर्सन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक जिले में किसान लाइब्रेरी बनाने का सुझाव दिया, जहां किसानों से जुड़ी जरूरी जानकारियां उपलब्ध रहें। नारियल, आलू और मशरूम की खेती बढ़ाने पर जोर कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग संस्थान, पटना के निदेशक प्रतिनिधि डॉ. अमरेन्द्र कुमार ने जिले में नारियल की खेती को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने आलू और मशरूम उत्पादन को भी प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। जिला उद्यान पदाधिकारी मो. जावेद ने खेतों में बागवानी फसलों का रकबा बढ़ाने पर जोर दिया। मत्स्य विभाग से किसानों को जोड़ने का सुझाव जिला मत्स्य पदाधिकारी शिवशंकर चौधरी ने कहा कि KVK में होने वाले किसानों के प्रशिक्षण की जानकारी मत्स्य विभाग को भी दी जाए। इससे प्रशिक्षण लेने वाले किसानों को विभाग की योजनाओं और सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने में मदद मिलेगी। कृषि को उद्योग से जोड़कर बढ़ेगी किसानों की आय उद्योग विभाग के महाप्रबंधक विनोद कुमार ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि को उद्योग से जोड़ना जरूरी है। मक्का, चावल समेत कृषि आधारित उत्पादों की प्रोसेसिंग और बेहतर मार्केटिंग की व्यवस्था से किसानों को अधिक लाभ मिल सकता है। डेयरी ट्रेनिंग में गव्य विकास विभाग को जोड़ने की मांग जिला गव्य विकास पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पशुपालन को अनुदान आधारित योजनाओं के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि डेयरी से संबंधित प्रशिक्षण आयोजित होने पर गव्य विकास विभाग को भी इससे जोड़ा जाए, ताकि किसानों को योजनाओं की जानकारी मिल सके। मशरूम से अचार और सत्तू बनाने का सुझाव पुरैनी की मशरूम उत्पादक प्रगतिशील किसान पूनम कुमारी ने मशरूम से अचार, सत्तू समेत अन्य उत्पाद तैयार कर उन्हें बाजार से जोड़ने की मांग की। वहीं शंकरपुर के प्रगतिशील किसान योगी उपेंद्र यादव ने प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों की मार्केटिंग के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। लाल कटहल ‘सिंधु’ के पौधे लगाए जाएंगे पिछली बैठक के निर्णयों के अनुपालन की जानकारी देते हुए KVK के प्रधान-सह-वरीय वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र चौरसिया ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान प्रक्षेत्र में लाल कटहल प्रभेद ‘सिंधु’ के पौधे लगाए जाएंगे। KVK का तीन-तीन महीने का प्रशिक्षण कैलेंडर संबंधित विभागों और NGOs को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि आलू के नीलकंठ प्रभेद, फॉल आर्मी वर्म, आम और पशुपालन से संबंधित एफएलडी के हैंडबिल तैयार कर KVK और कृषि विभाग में प्रदर्शित किए जाएंगे। अधिकारी और संस्थाओं के प्रतिनिधि रहे मौजूद बैठक का शुभारंभ मंडन भारती कृषि कॉलेज, अगवानपुर के प्राचार्य डॉ. विनोद सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। धन्यवाद ज्ञापन वैज्ञानिक डॉ. रामप्रकाश शर्मा ने किया। मौके पर डॉ. सुनील कुमार, सबीना खातून, धीरज कुमार, संजय रंजन, उद्यान वैज्ञानिक राहुल वर्मा, सिंचाई अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. पंकज कुमार यादव, डॉ. आशुतोष कुमार सिंह, डॉ. अनिल कुमार समेत अन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे। इफको, क्रिश्चियन अस्पताल और जीविका के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles