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गिरिडीह के पचम्बा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक नवजात शिशु कांटेदार झाड़ियों में पड़ा मिला। यह घटना थाना से कुछ दूरी पर एक निजी कार शोरूम के पास हुई। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदारों ने पुलिस को सूचना दी। कांटेदार झाड़ियों के कारण कोई भी बच्चे तक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। सूचना मिलते ही पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार चालक विमलेश और सहायक पुलिस सुनीता के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि नवजात कांटेदार झाड़ियों के बीच बेसहारा पड़ा था। मासूम के शरीर और आंखों के आसपास खरोंच व चोट के निशान थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी राजीव कुमार ने खुद झाड़ियों में उतरकर बच्चे को बाहर निकालने का फैसला किया। उन्होंने सावधानी से कांटों को हटाया और नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने तुरंत बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज शुरू हुआ। इस घटना के बाद इलाके में कई तरह की बातें हो रही हैं। लोग जानना चाहते हैं कि नवजात को कांटेदार झाड़ियों में कौन और क्यों छोड़ गया। पुलिस आसपास के इलाके से जानकारी जुटा रही है और मामले की जांच कर रही है। पुलिस उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिसने बच्चे को वहां छोड़ा। स्थानीय लोगों ने थाना प्रभारी राजीव कुमार की तत्परता और मानवीय संवेदना की तारीफ की है। लोगों का कहना है कि राजीव कुमार ने अपनी ड्यूटी से बढ़कर जोखिम उठाया और कांटों के बीच फंसे मासूम की जान बचाने के लिए तुरंत कदम उठाया। फिलहाल नवजात का इलाज जारी है और पुलिस घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने में जुटी है।
पचम्बा में कांटेदार झाड़ियों में मिला नवजात:रोने की आवाज सुनकर पुलिस पहुंची, थाना प्रभारी ने खुद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला
