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- Released From Prison After 16 Years, Mogo Finds Hope For A New Life; Husband And Wife Reunite After Two Years Of Separation
रांची3 घंटे पहले
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राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक से रिलेटेड 16000 मामलों का निबटारा किया गया। लेकिन ट्रैफिक मामले में समझौता करने आए लोग निराश दिखे। लोगों का कहना था, जितने का चालान कटा था, पूरी राशि जमा करनी पड़ी। वहीं रेवेन्यू से जुड़े 15000 मामले, क्रिमिनल कंपाउंड के 8000, रेलवे से संबंधित 5000 मामलों का निबटारा गया किया। कुल 48,076 लंबित मामलों और 8,65,394 प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक वैवाहिक विवाद को खत्म करने के साथ परिवार को भी जोड़ दिया। दो साल से अलग रह रहे खुशबू साहू और संजय कुमार ने मध्यस्थता के बाद फिर साथ रहने का फैसला किया। दोनों का पांच साल का बेटा है। वैवाहिक वाद संख्या ओएम. 504/2025 अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय राजेश कुमार सिंह की अदालत में लंबित था।
खुशबू ने पति के खिलाफ भरण-पोषण का वाद दायर किया था। मध्यस्थता के दौरान दोनों के बीच बातचीत कराकर मतभेद दूर किए गए। लोक अदालत में दोनों न्यायायुक्त के समक्ष पहुंचे, जहां उन्हें फूल-माला पहनाकर सुखमय वैवाहिक जीवन की शुभकामना दी गई। लोक अदालत में तेजाब हमले के पीड़ित राहुल कुमार को झारखंड पीड़ित मुआवजा योजना के तहत 12 लाख रुपए का चेक दिया गया। हत्या के मामले में पीड़िता सुशीला देवी को पांच लाख रुपए मिले।
मोटर वाहन दुर्घटना मामले में दावेदार को 37.34 लाख रुपए और कमर्शियल एक्जीक्यूशन से जुड़े मामले में 6.86 लाख रुपए का चेक दिया गया। चेक बाउंस और कमर्शियल विवादों में भी समझौते हुए। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत 96 लाख रुपए के भुगतान से जुड़े मामले का सुलह-पूर्व बैठक से निपटारा हुआ और दोनों पक्षों की सहमति से 54 लाख रुपए में सेटलमेंट किया गया। यह नालसा के ‘मीडिएशन फॉर नेशन ड्राइव 3.0’ के तहत हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में बजाज जेनरल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से 12 मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर निपटारा कराया गया। इससे दावेदारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली।
लोक अदालत के दौरान मुख्य न्यायाधीश की मौजूदगी में एक दावेदार को चार लाख रुपए का चेक सौंपा गया। कंपनी की सीनियर लीगल ऑफिसर रिम्पी बनर्जी और क्लेम्स लीगल विभाग के प्रफुल्ल त्रिपाठी ने मामलों के निपटारे में भूमिका निभाई। क्राइम रिपोर्टर | रांची रांची व्यवहार न्यायालय में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 367 करोड़ 78 लाख 65 हजार रुपए का सेटलमेंट हुआ। वर्चुअल उद्घाटन झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सह झालसा कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने धनबाद न्यायमंडल से किया।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल मामलों का निस्तारण नहीं, बल्कि त्वरित, सुलभ और नि:शुल्क न्याय देना है। डालसा सचिव राकेश रौशन ने बताया कि 38 न्यायिक और 20 कार्यपालक दंडाधिकारियों की बेंच गठित थीं। न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1, प्रधान न्यायाधीश पवन कुमार, सीजेएम एसबी शर्मा समेत न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, मध्यस्थ और पीएलवी मौजूद थे। लोक अदालत में संजय कुमार और खुशबू साहू मध्यस्थता के बाद फिर साथ रहने को राजी हुए। दोनों का पांच साल का बेटा है।
खुशबू ने भरण-पोषण का वाद दायर किया था। वाद ओएम 504/2025 राजेश कुमार सिंह की अदालत में लंबित था। दोनों को फूल-माला पहनाकर शुभकामना दी गई। 16 साल जेल में रहने के बाद बाहर आए मोगो कच्छप की एक सप्ताह काउंसिलिंग हुई। श्रम विभाग के सहयोग से जॉब कार्ड, दो लाख का बीमा, कन्यादान योजना, एनएलयू से 10 हजार का चेक, राशन-आयुष्मान कार्ड और अबुआ आवास की प्रक्रिया शुरू हुई। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में राज्यभर में कुल 24,99,985 वादों का निष्पादन किया गया। इनमें 1,60,482 लंबित वाद और 23,39,503 प्री-लिटिगेशन मामले शामिल हैं। इन मामलों में कुल 9,64,05,39,705 रुपए का सेटलमेंट हुआ। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए झालसा की ओर से राज्यभर में करीब 289 बेंचों का गठन किया गया था।
12 मार्च की सड़क दुर्घटना ने संजय राम की जिंदगी बदल दी। बालूमाथ में ट्रैक्टर की टक्कर से पत्नी उर्मिला देवी की मौत हो गई। पीछे 14 साल की बेटी, 8 साल का बेटा और 7 साल की छोटी बेटी रह गई। पेशे से राज मिस्त्री संजय के सामने पत्नी को खोने के साथ तीन बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी भी आ गई। महीनों की कानूनी प्रक्रिया के बाद राष्ट्रीय लोक अदालत में मामले का सेटलमेंट हुआ और संजय को 4.50 लाख रुपए मुआवजे का चेक मिला।

