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बक्सर जिले में बाढ़ की स्थिति में अब सुधार दिख रहा है। गंगा नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। रविवार सुबह 10 बजे बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.62 मीटर दर्ज किया गया। नदी का पानी पिछले एक घंटे में करीब एक सेंटीमीटर की रफ्तार से घट रहा है। जलस्तर कम होने से बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी निकलने लगा है, लेकिन अब प्रशासन के सामने गंदगी और सड़ांध से निपटने की चुनौती बढ़ गई है। बाढ़ का पानी लंबे समय तक घरों, गलियों और खेतों में जमा रहा। पानी घटने के बाद अब कीचड़, कचरा और जैविक पदार्थ सड़ने लगे हैं। 27 गांव अभी भी बाढ़ से प्रभावित इससे बदबू फैल रही है और संक्रमण के साथ जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं। साथ ही जरूरी दवाओं का वितरण भी किया जा रहा है। लोगों को साफ-सफाई, स्वच्छ पीने का पानी और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के 5 अंचलों की 13 पंचायतों के 27 गांव अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 9,989 लोग बाढ़ से परेशान हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरतमंदों को सुरक्षित जगहों पर लाने के लिए नावों का संचालन जारी है। 1,000 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके अब तक जिले में 37 नावों का संचालन किया जा चुका है। रविवार को 12 नावें चलाई जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों को अब तक 6,535 पॉलिथीन शीट बांटी गई हैं। रविवार को भी 400 पॉलिथीन शीट का वितरण किया गया। पशुपालकों को राहत देने के लिए अब तक 116.15 क्विंटल पशु चारा दिया गया है। इसी तरह प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 1,000 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं, जबकि रविवार को 100 और पैकेट बांटे गए। अधिकारियों को दिए गए जरुरी निर्देश प्रशासन की टीम प्रभावित इलाकों में लगातार स्थिति का जायजा ले रही है। जलस्तर में गिरावट से जहां लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं पानी उतरने के बाद उत्पन्न होने वाली गंदगी और सड़ांध को लेकर प्रशासन ने एहतियाती कदम शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और राहत व्यवस्था पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ का पानी पूरी तरह निकलने के बाद किसी तरह की बीमारी फैलने की स्थिति उत्पन्न न हो।
गंगा का जलस्तर घटा, बदबू से महामारी का खतरा:बक्सर में 27 गांव प्रभावित, 9989 लोग परेशान
