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पटना नगर निगम की कार्रवाई सुस्त पड़ते ही शहर में एक बार फिर अवैध होर्डिंग्स और यूनीपोल का जाल बिछने लगा है। निगम ने अभियान चलाकर जिन ढांचों को हटाया था, वहां महज दो महीने के भीतर 150 से अधिक नए यूनीपोल और होर्डिंग्स खड़े कर दिए गए हैं। माफियाओं की इस मनमानी की सबसे बड़ी वजह पटना नगर निगम विज्ञापन विनियम-2026 का 5 महीने से सरकारी फाइलों में दबा होना है। 6 अप्रैल को नगर विकास विभाग को भेजा गया ड्राफ्ट फिलहाल विधि विभाग के पास अटका है। ठोस नीति और कार्रवाई के अभाव में त्योहारों से ठीक पहले शहर फिर बेतरतीब विज्ञापनों से पटने लगा है। 12 साल से विज्ञापन पॉलिसी का अभाव, निगम को हर महीने करोड़ों की चपत : पटना में पिछले 12 वर्षों से कोई विज्ञापन और होर्डिंग्स नियमावली लागू नहीं है। इसके चलते शहर का कोई भी इलाका अवैध होर्डिंग्स से अछूता नहीं बचा। नगर निगम ने पहले वार्डवार अवैध होर्डिंग्स की पहचान कर डेटा तैयार किया और जब्ती अभियान भी चलाया, लेकिन ठोस पॉलिसी के बिना यह मुहिम ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। जब तक नई नियमावली प्रभाव में नहीं आती, तब तक अवैध यूनीपोल लगाने वालों पर कानूनी और वित्तीय शिकंजा कसना नामुमकिन है। एक अनुमान के मुताबिक, नियमावली के अभाव में निगम को हर महीने भारी राजस्व की चपत लग रही है। यदि त्योहारी सीजन से पहले कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती, तो निगम के खजाने को बड़ा राजस्व मिलने के साथ ही शहर को इन बेतरतीब ढांचों से मुक्ति मिल सकती है। सुझावों के बाद संशोधित हुआ ड्राफ्ट, अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार नगर निगम ने आम जनता और विज्ञापन एजेंसियों के सुझाव लेने के लिए 26 मार्च से 25 अप्रैल 2026 तक विनियम का ड्राफ्ट वेबसाइट www.pmc.bihar.gov.in पर सार्वजनिक किया था। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों के आधार पर जरूरी संशोधन कर फाइल आगे बढ़ा दी गई है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही गजट प्रकाशन कर इसे शहर में प्रभावी कर दिया जाएगा। नई नियमावली में अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर 500 प्रतिशत तक जुर्माना लगाने और एजेंसी को एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने का कड़ा प्रावधान किया गया है। शामिल किए गए पांच नए प्रावधान शहर में कहीं भी अवैध होर्डिंग्स या यूनीपोल लगने पर तुरंत कार्रवाई होगी। नई विज्ञापन विनियम-2026 को विभाग की ओर से जल्द ही मंजूरी मिलेगी। इसके बाद शहर में इसे सख्ती से लागू कर दिया जाएगा।-यशपाल मीणा, नगर आयुक्त, पटना नगर निगम
नगर विकास और विधि विभाग के बीच अटकी विज्ञापन नीति-2026:विज्ञापन पॉलिसी को 5 माह बाद भी मंजूरी नहीं…नतीजा-फिर लगने लगे अवैध यूनीपोल
