भागलपुर1 घंटे पहले
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बिहार के सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने भोज में इस्तेमाल होने वाली पत्तलों पर BRICS देशों के प्रमुख नेताओं के चेहरे उकेरे हैं। उन्होंने इस अनोखी कलाकृति के जरिए भारत की मेहमाननवाजी और दुनिया को शांति का संदेश दिया है।
आमतौर पर भोजन परोसने के बाद पत्तल को बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, लेकिन मधुरेंद्र कुमार ने अपनी कल्पना और हुनर से इसे विश्व नेताओं की तस्वीरों वाला एक अनोखा कैनवास बना दिया।
कलाकृति में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो शामिल हैं।
कलाकार ने इन नेताओं के चित्रों को अलग-अलग पत्तलों पर तैयार किया। फिर उन्हें ट्रायंगल के आकार में सजाया। पूरी रचना के साथ ‘WELCOME TO INDIA – BRICS 2026’ का संदेश भी लिखा गया है।
कुछ तस्वीरें…


कलाकृति को बनाने में करीब 15 लगे
देखने में यह सामान्य पत्तल लगती है, लेकिन उस पर बनी आंखें, चेहरे की बनावट, बाल, दाढ़ी और भाव-भंगिमा इसे बहुत खास बनाती हैं। यही वजह है कि यह कलाकृति लोगों का ध्यान खींच रही है।
मधुरेंद्र कुमार के अनुसार, इस खास कलाकृति को बनाने में करीब 15 दिनों की लगातार मेहनत लगी। पत्तल की सतह सामान्य कैनवास की तरह समतल नहीं होती, इसलिए उस पर बारीक रेखाएं और चेहरे के सूक्ष्म भाव बनाना मुश्किल था।
इसके बावजूद कलाकार ने अपनी कल्पना और तकनीक से पत्तल को ही कैनवास बना दिया। उनका कहना है कि इसका मकसद सिर्फ विश्व नेताओं की तस्वीर बनाना नहीं, बल्कि कला के जरिए भारत की मेहमाननवाजी और दुनिया को शांति, बातचीत और सहयोग का संदेश देना है।

अपनी आकृतियों के साथ आर्टिस्ट मधुरेंद्र ।
मतभेद भुलाकर साथ आए दुनिया के देश’ मधुरेंद्र कुमार कहते हैं कि BRICS जैसा अंतरराष्ट्रीय मंच दुनिया के अलग-अलग देशों को एक साथ आने और वैश्विक मुद्दों पर संवाद करने का अवसर देता है। इसी भावना को उन्होंने अपनी कलाकृति में उतारने का प्रयास किया है।
उनका संदेश है कि दुनिया के देश आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर एक-दूसरे के साथ खड़े हों। संवाद और सहयोग के जरिए ही वैश्विक चुनौतियों का समाधान और स्थायी शांति की राह तैयार की जा सकती है। रेत से लेकर पत्तल तक, हर चीज में तलाशते हैं कला मधुरेंद्र कुमार की पहचान ही उनके अनोखे कला प्रयोगों से बनी है। वह पारंपरिक कैनवास तक सीमित नहीं रहते। रेत, मिट्टी, कोयले की राख, पीपल के पत्ते, फल-सब्जियों और दूसरी सामान्य वस्तुओं को भी अपनी कला का माध्यम बना चुके हैं।
अब भोज की साधारण पत्तल पर विश्व नेताओं के चेहरे उकेरना उनके प्रयोगधर्मी कला सफर की एक और अनोखी कड़ी बन गया है। पत्तल पर बने BRICS नेताओं के चित्रों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही हैं।

