Monday, September 14, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

पूर्व मंत्री अब्दुल जलील राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाख:पैतृक आवास पर पुलिस जवानों ने दी सलामी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सहित कई दिग्गज पहुंचे


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अमौर से 6 बार विधायक रहे पूर्व मंत्री अब्दुल जलील मस्तान को राजकीय सम्मान के साथ सिरसी के कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया। कब्रिस्तान में जनाजे की नमाज के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम सहित भारी संख्या में लोग शामिल हुए और कब्र पर मट्टी दी। इस दौरान उन्हें प्रशासनिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पूर्णिया के अमौर विधानसभा क्षेत्र के बैसा प्रखंड स्थित सिरसी गांव में उनके पैतृक आवास पर पुलिस जवानों ने सलामी दी। मस्तान लंबे समय से बीमार थे, शनिवार को निधन हो गया। दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस ली थी। पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक गांव अमौर विधानसभा के सिरसी पहुंचा था। किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके मद्देनजर भरी संख्या में पुलिस बल सुपुर्द ए खाक के सभी रस्मों रिवाज में चौकस रहे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम पहुंचे स्वर्गीय अब्दुल जलील मस्तान के सुपुर्द ए खाक के मौके पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम सहित किशनगंज सांसद डॉ. जावेद के साथ जन प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। अमौर विधायक अख्तरूल ईमान, जाेकीहाट विधायक मुर्शीद आलम, बायसी विधायक गुलाम सरवर, कोचाधामन विधायक सरवर आलम, पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद समेत कई विधायक और नेता भी सुपुर्द ए खाक के मौके पर उपस्थित रहे। दिल्ली से बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंची था पार्थिव शरीर
पूर्व मंत्री अब्दुल ज़लील मस्तान का पार्थिव शरीर को रविवार सुबह दिल्ली से फ्लाइट से बागडोगरा एयरपोर्ट लाया गया था। बागडोगरा एयरपोर्ट से उनके पार्थिव शरीर को एक एंबुलेंस के जरिए पूर्णिया के लिए रवाना किया गया। एंबुलेंस नेशनल हाईवे-31 के रास्ते किशनगंज होते हुए बायसी, अमौर और बैसा होते हुए उनके पैतृक गांव सिरसी पहुंची थी। रविवार को जब बागडोगरा से जैसे ही एंबुलेंस सिरसी गांव पहुंची, हर कोई अपने नेता की एक झलक पाने को आतुर दिखा। स्थानीय बाजार व दुकानें बंद रहीं थीं। 6 बार विधायक, 11 बार कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़े
अब्दुल जलील मस्तान सीमांचल क्षेत्र में कांग्रेस के सबसे कद्दावर और जनाधार वाले नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र का 6 बार प्रतिनिधित्व किया। 1985 से वो अमौर की सीट पर 11 बार कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ते आ रहे थे। जनता के बीच उनकी गहरी पैठ का ही नतीजा था कि चुनावी लहरों के बावजूद अमौर सीट पर उनकी मजबूत पकड़ बनी रही। महागठबंध सरकार में मंत्री रहे
2015 बिहार में महागठबंधन सरकार के दौरान वे बिहार सरकार में मंत्री रहे और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का पदभार संभाला। वे बीते 40 सालों से पार्टी के प्रति समर्पित रहे और हर राजनीतिक उथल-पुथल में कांग्रेस का झंडा बुलंद रखा।

सीमांचल में गरीबों की आवाज थे- अख्तरूल ईमान

अमौर के वर्तमान एआईएमआईएम विधायक अख्तरूल ईमान ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अब्दुल जलील मस्तान सीमांचल में गरीबों की आवाज थे, उनके जाने से राजनीतिक मैदान में अपूरणीय क्षति हुई है। अमौर से जदयू के पूर्व विधायक रहे सबा जफर ने कहा कि अब्दुल जलील मस्तान सीमांचल के एक कद्दावर नेता थे। भले ही हमलोग चुनाव के प्रतिद्वंद्वी रहे हों, लेकिन हमने मोहब्बत से चुनाव लड़ा है हमेशा। मेरे पिताजी के साथ भी उनकी चुनावी लड़ाई रही है, लेकिन हर सुख दुख में सब साथ खड़े रहे हैं। अल्लाह उनको जन्नत में जगह दे। दुख की घड़ी में हम उनके परिवार के साथ हैं।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles