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कोडरमा जिले के तिलैया थाना इलाके में स्थित वृंदाहा वॉटरफॉल से एक छात्र लापता हो गया है। बिहार के जहानाबाद से अपने शिक्षक और दोस्तों के साथ घूमने आया सागर, बुधवार को गायब हुआ था। 6 दिन बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया है। जहानाबाद, बिहार के एक निजी कोचिंग संचालक अपने कुछ छात्रों के साथ झुमरी तिलैया घूमने आए थे। वृंदाहा वॉटरफॉल में नहाते समय छात्र सागर कुमार के पानी में डूबने की आशंका जताई गई थी। पहले स्थानीय गोताखोरों ने सागर को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद पटना से एनडीआरएफ की टीम कोडरमा पहुंची। टीम ने वृंदाहा जलप्रपात में लगातार तीन दिनों तक सागर की तलाश की। रविवार को भी जब सागर का कोई पता नहीं चला, तो एनडीआरएफ की टीम वापस पटना लौट गई। तिलैया थाना बुलाया गया छात्र को
इस मामले में अब एक नया मोड़ आया है। सागर कुमार का 5 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर, कोचिंग संचालक राजेश कुमार केसरी को मंगलवार को तिलैया थाना बुलाया गया। उनसे इस मामले में पूछताछ की गई। राजेश केसरी ने बताया कि उन्होंने या उनके साथ आए किसी भी छात्र ने सागर को पानी में जाते नहीं देखा। उन्होंने घटना वाले दिन की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार सुबह वे सभी छात्रों को एक निजी गाड़ी से गया रेलवे स्टेशन ले गए थे। वहां से वे पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस से कोडरमा स्टेशन पहुंचे। झरने के पास सभी फोटो खिंचवा रहे थे
स्टेशन से बाहर निकलकर उन्होंने एक ऑटो किराए पर लिया। छात्रों को ऑटो में बिठाकर वे वृंदाहा वॉटरफॉल की तरफ जा रहे थे। वृंदाहा वॉटरफॉल से कुछ दूरी पहले ही ऑटो ड्राइवर ने खराब सड़क का बहाना बनाकर ऑटो रोक दी। इसके बाद शिक्षक राजेश केशरी अपने अन्य छात्रों के साथ वृंदाहा वॉटरफॉल गए, जहां बच्चों का समूह वृंदाहा वॉटरफॉल के झरने के पास जाकर फोटो शूट करने लगा। वहीं, यह अपनी छोटी बच्ची के साथ वाटरफॉल से गिरने वाले झरने से कुछ दूर पहले रुक गए और बच्चों के सामान की निगरानी करने लगे। इस दौरान शिक्षक राजेश केशरी अपनी बेटी की तस्वीर लेने लगे। कुछ ही देर बाद उनके साथ आए छात्रों के समूह में से एक छात्र ने सागर के बारे में पूछताछ की और पूछा कि क्या उन्होंने सागर को इस ओर आते हुए देखा है। इस पर शिक्षक राजेश केशरी ने सागर के बारे में जानने की बात से इनकार करते हुए उसकी तलाश में जुट गए। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कहीं कुछ पता नहीं चला तो उन्हें सागर के झरने के समीप डूबने की शंका हुई। इसके बाद वे आसपास मौजूद स्थानीय लोगों की इसकी सूचना दी। घटना की जानकारी तिलैया पुलिस को देकर घटनास्थल पर बुलाया गया था।
वृंदाहा जलप्रपात से लापता छात्र सुराग नहीं:6 दिन बीतने के बाद NDRF की टीम लौटी वापस, शिक्षक ने कहा- उसे पानी में जाते किसी ने नहीं देखा
