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गया शहर में बरसात का मौसम बीतने के बाद भी जल संकट खत्म नहीं हुआ है। कई वार्डों में पाइपलाइन बिछने के बावजूद लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। कहीं पाइपलाइन लीकेज है तो कहीं कम प्रेशर के कारण पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। कई इलाकों में सड़क तोड़कर महीनों से निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। जलापूर्ति की इसी स्थिति को लेकर बुधवार को गया नगर निगम सभागार में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें पार्षदों ने बुडको के अधिकारियों पर नाराजगी जताई। मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में हुई बैठक में जलापूर्ति, पाइपलाइन विस्तार, लीकेज, ड्राई जोन, सड़क-नाली निर्माण और पितृपक्ष मेले की तैयारियों की समीक्षा की गई। सशक्त स्थायी समिति के सदस्य डॉ. अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने बैठक का संचालन किया। पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की समस्याएं रखीं और अधिकारियों से जवाब मांगा। पाइपलाइन बिछ गई, फिर भी शिवपुरी कॉलोनी में पानी नहीं वार्ड 46 के पार्षद प्रतिनिधि भगत सिंह ने शिवपुरी कॉलोनी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इलाके में पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने बुडको के शिलापट्ट पर पूर्व पार्षद का नाम लिखे जाने पर भी सवाल उठाया। वार्ड 10 के पार्षद गोपाल कुमार ने बुडको के इंजीनियर राजेंद्र कुमार पर फोन पर गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने बैठक में बातचीत का ऑडियो भी सुनाया। वार्ड 42 के पार्षद राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि कई बार अधिकारियों को समस्या बताने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। शिकायत करने पर कार्रवाई की धमकी का आरोप वार्ड 34 के पार्षद प्रतिनिधि ओम यादव ने आरोप लगाया कि समस्या की शिकायत करने वाले लोगों को कार्रवाई की धमकी दी जाती है। वार्ड 9 की पार्षद सुचेता कुमारी ने बंगला स्थान में शाम के समय पानी का प्रेशर कम होने की शिकायत की। वार्ड 12 के पार्षद डिंपल कुमार ने मिर्चया गली में जलापूर्ति की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि सड़क और नाला निर्माण के लिए करीब चार महीने पहले सड़क तोड़ी गई थी, लेकिन काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। वार्ड 4 की पार्षद अनुपमा कुमारी ने गांधी मोड़ से बागेश्वरी रोड तक पाइपलाइन विस्तार नहीं होने की शिकायत की। इस पर बुडको के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार ने गुरुवार से काम शुरू कराने का आश्वासन दिया। पितृपक्ष से पहले सड़क, लाइट और सफाई दुरुस्त करने का निर्देश मेयर गणेश पासवान ने पितृपक्ष मेले की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मेले से पहले सड़क, लाइट, सफाई, शौचालय, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने को कहा। मेयर ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निर्माण के कुछ ही दिनों बाद सड़क खराब होती है तो इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्षद जनता के प्रतिनिधि हैं, इसलिए उनके सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। किसी जनप्रतिनिधि के साथ अधिकारी या इंजीनियर के अनुचित व्यवहार की शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए। अगली बैठक तक सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने बुडको के अधिकारियों को कहा कि पार्षद अपने वार्ड की जनता के प्रति जवाबदेह हैं। उनके द्वारा बताई गई समस्याओं का तत्काल समाधान होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली बैठक तक समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ तो नगर निगम कार्रवाई करेगा। मोहन श्रीवास्तव ने जलापूर्ति योजना पर उठाए सवाल सशक्त स्थायी समिति के सदस्य और पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने जलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर में जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए वर्षों पहले योजनाएं बनाई गईं और राज्य सरकार की ओर से बड़ी राशि स्वीकृत हुई। इसके बावजूद कई इलाकों में आज भी नियमित पानी नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में पानी पहुंचाने के लिए टैंक बनाए गए, लेकिन टैंकों तक ही पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। दूसरी ओर, जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाई गई है, वहां मुख्य पाइपलाइन फटने और लीकेज की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इससे कई मोहल्लों में कई-कई दिनों तक पानी की आपूर्ति बाधित हो जाती है। पाइपलाइन बिछाने के तरीके और काम की गुणवत्ता पर भी सवाल मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि कुछ जगह पाइपलाइन को निर्धारित तरीके से जमीन के अंदर बिछाने के बजाय ऊपर या असुरक्षित तरीके से बिछाए जाने की शिकायत है। उनके अनुसार, इससे पाइपलाइन पर दबाव पड़ने के कारण बार-बार पाइप फटने और लीकेज की समस्या हो रही है। उन्होंने कुछ जगहों पर पेटी कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से काम कराए जाने की बात सामने आने का दावा करते हुए पूरे काम की तकनीकी जांच और गुणवत्ता की समीक्षा कराने की मांग की। ड्राई जोन में पानी नहीं, कहीं कम प्रेशर की समस्या बैठक में गया बिगहा समेत कई इलाकों में लंबे समय से चली आ रही जलापूर्ति समस्या का मुद्दा भी उठा। मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि कई इलाके ड्राई जोन की समस्या से जूझ रहे हैं। कहीं पाइपलाइन बंद है तो कहीं पर्याप्त प्रेशर नहीं है। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति योजना पर बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी अगर लोगों के घरों तक नियमित पानी नहीं पहुंच रहा है तो योजना के क्रियान्वयन और निर्माण की गुणवत्ता की जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को पहले भी नगर निगम बोर्ड और सशक्त स्थायी समिति में उठाया जा चुका है। राज्य सरकार के स्तर पर भी मामला पहुंचाया गया है और समस्या को लेकर धरना-प्रदर्शन तक हो चुका है। अधूरी नाली से सड़क पर बह रहा गंदा पानी बैठक में सड़क और नाली निर्माण को लेकर भी सवाल उठे। मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि नाली बनाकर उसे बीच में छोड़ देने से समस्या खत्म नहीं होती। नाली को अंतिम निकासी स्थल से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई जगह नाली बनने के बाद पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इससे जलजमाव और गंदगी की समस्या पैदा हो रही है। उन्होंने सड़क, नाली और गली निर्माण को एक साथ समग्र योजना के तहत कराने की जरूरत बताई।
गया में कई वार्डों में नहीं पहुंच रहा पानी:अरबों की जलापूर्ति योजना के बाद भी पाइपलाइन में लीकेज, कम प्रेशर की शिकायत; पार्षदों की बुडको पर नाराजगी
