नगर निगम ने बुधवार से कूड़ा उठाना शुरू कर दिया है। नगर निगम और गुरूरामदास कंपनी के पदाधिकारियों ने मंडई खुर्द के ग्रामीणों के साथ बैठक की। उनकी सभी मांगों को मान लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने डंपिंग ग्राउंड में नगर निगम के वाहनों को कूड़ा डालने दिया। तीन दिन बाद कूड़ा उठने से शहरवासियों को राहत मिली। नगर निगम का मंडई खुर्द में डंपिंग ग्राउंड है। शहर का सारा कूड़ा कंपनी के वाहन यहीं फेंकते हैं। कंपनी को मंडई खुर्द में कचरा प्रोसेसिंग प्लांट लगाना था। एक साल बीत जाने के बाद भी कंपनी ने इस ओर कोई कदम नहीं उठाया। अप्रैल में ग्रामीणों ने मांगों को लेकर नगर निगम के वाहनों को कूड़ा फेंकने से रोक दिया था। महापौर अरविंद राणा ने ग्रामीणों के साथ बैठक की थी। इसमें कंपनी के पदाधिकारी भी शामिल थे। ग्रामीणों ने प्रोसेसिंग यूनिट, स्ट्रीट लाइट, चूना डालने, प्रोसेसिंग यूनिट लगने के दौरान ग्रामीणों को रोजगार, आदि की मांग रखी थी। कंपनी ने सभी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। महापौर के कहने पर ही ग्रामीण माने। उन्होंने वाहनों को कूड़ा डालने दिया। चार माह बीतने के बाद भी जब एक भी मांग पूरी नहीं हुई, तो महापौर ने भी हाथ खड़े कर दिए। इस पर ग्रामीणों ने दोबारा कूड़ा डालने पर रोक लगा दी। बुधवार को एक बार फिर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार, मेयर अरविंद राणा, कंपनी के अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक की। ग्रामीणों की सभी मांगों को मान लिया गया। 27 सितंबर तक प्रोसेसिंग यूनिट की मशीन आ जाएगी। इसके बाद कार्य शुरू हो जाएगा। जनवरी 2027 तक प्लांट काम करने लगेगा। इस पर ग्रामीण मान गए। इसके बाद नगर निगम और गुरुरामदास कंपनी के कर्मचारियों ने शहर भर में कूड़ा उठाना शुरू कर दिया। इससे शहरवासियों ने राहत की सांस ली।
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