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मधुबनी पोक्सो न्यायालय ने शनिवार को सूरज कुमार मंडल को दोषी ठहराया। यह मामला वर्ष 2017 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण से जुड़ा है। मामले की सुनवाई मधुबनी पोक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सह जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार त्यागी की अदालत में हुई। कोर्ट ने उपलब्ध सबूतों और मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी माना। सरकारी वकील मधु रानी ने शनिवार शाम करीब 7 बजे जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना वर्ष 2017 में लखनौर थाना क्षेत्र के आरएस ओपी के अंतर्गत हुई थी। आरोप था कि सूरज कुमार मंडल ने स्कूल जाते समय एक नाबालिग लड़की का अपहरण किया था। घटना के बाद नाबालिग के परिजनों ने संबंधित थाने को सूचना दी थी। एपीपी ने बताया कि इस मामले को लेकर नाबालिग लड़की के परिवार ने 14 अप्रैल 2017 को थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान मिले सबूतों और दूसरे तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। बाद में यह मामला कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचा। मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने कोर्ट के सामने मामले से संबंधित सबूत और गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने शनिवार को सूरज कुमार मंडल को इस मामले में दोषी ठहराया। एपीपी मधु रानी ने बताया कि दोषी करार दिए गए सूरज कुमार मंडल को फिलहाल सजा नहीं सुनाई गई है। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने आगामी 28 सितंबर 2026 को सजा पर सुनवाई तय की है। उस तारीख को कोर्ट आरोपी को दी जाने वाली सजा पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगा। इसके बाद कोर्ट सजा के संबंध में अपना फैसला सुनाएगा।
मधुबनी में नाबालिग लड़की के अपहरण में सूरज मंडल दोषी:2017 के मामले में कोर्ट ने माना गुनहगार, 28 सितंबर को सजा पर सुनवाई
