चतरा एयर एम्बुलेंस हादसा, पटना के सचिन मिश्रा की मौत:बतौर नर्सिंग स्टाफ थे तैनात, बीमार मां से बात के कुछ घंटे बाद आई दुखद खबर

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चतरा में एयर एम्बुलेंस क्रैश के दौरान पटना के सचिन मिश्रा की भी मौत हो गई। सचिन उस एयर एम्बुलेंस में बतौर नर्सिंग स्टाफ मौजूद थे। हादसे से चंद घंटे पहले ही उन्होंने अपने घर पर बीमार मां से फोन पर बात कर हाल-चाल पूछा था। बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां की तबीयत बिगड़ गई। परिजन बताते हैं कि वह बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। सचिन चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। पिता का निधन वर्ष 2005 में हो गया था। इसके बाद बड़े भाइयों ने ननिहाल पक्ष के सहयोग से परिवार की जिम्मेदारी संभाली। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद पूजा-पाठ कर सचिन को पढ़ाया-लिखाया गया। परिवार फिलहाल राजीव नगर में रहता है, जबकि पैतृक घर सिवान जिले के तिलकथू थाना हसनपुरा में है। तीन दिन पहले पटना आया था सचिन सचिन की मां ने बताया कि, उनकी तबीयत खराब चल रही थी, जिसके चलते बेटा छुट्टी लेकर उनसे मिलने घर आना चाहता था, लेकिन अस्पताल के कर्मियों की ओर से छुट्टी नहीं दी गई। तीन दिन पहले किसी पेशेंट को लेकर पटना एयरपोर्ट भी आया था। वहां से वह मिलने आ रहा था, लेकिन हॉस्पिटल के कर्मियों ने उसे एयरपोर्ट पर ही रोक दिया। मृतक की बहन ने बताया कि, दोपहर में मां से सचिन की बात हुई थी। मां ने दवा के रिएक्शन की जानकारी दी, जिस पर सचिन ने एक डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी। इसके बाद शाम से उनका फोन बंद हो गया। लगातार कॉल करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। मेरा भाई मां को देखने के लिए था बेचैन मृतक की बहन ने बताया कि, दोपहर के वक्त सचिन की बात मां से हुई थी। मां ने उसे दवा रिएक्शन के बारे में बताया था। तब उसने एक डॉक्टर के बारे में सजेस्ट किया और बोला वहां दिखा लो। इसके बाद शाम से उसका कॉल लगना बंद हो गया। लगातार हम लोग कॉल करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन लग नहीं रहा था। मेरा भाई मां को देखने के लिए बेचैन था। छुट्टी मांग रहा था, लेकिन उसके अस्पताल के कर्मियों ने छुट्टी नहीं दी। बहन का कहना है कि सचिन मां को देखने के लिए परेशान थे और छुट्टी मांग रहे थे। अगर उन्हें छुट्टी मिल जाती, तो शायद यह हादसा नहीं होता। परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। परिजनों को अब तक नहीं मिली सहायता सचिन के मामा दिनेश पांडे ने बताया कि, घटना के बारे में रात 11 बजे के वक्त जानकारी मिली। उसी समय परिवार के लोग वहां के लिए रवाना हुए। सुबह 7 बजे पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम समेत अन्य प्रक्रिया पूरी होते 12 बज गया। उन्होंने बताया कि मौके पर कई अधिकारी पहुंचे और आश्वासन दिया, लेकिन अब तक परिवार को किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिली है। यहां तक कि एंबुलेंस का खर्च भी नहीं दिया गया। जिस कंपनी में सचिन कार्यरत थे, उसकी ओर से भी कोई मदद नहीं मिली है।

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