‘प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज’ से PMCH तक का सफर:आज 101वां स्थापना दिवस समारोह, देश-विदेश के विशेषज्ञ पहुंचे; मेधावी छात्रों को मिलेगा गोल्ड मेडल

Date:


पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) आज अपना 101वां स्थापना दिवस मना रहा है। बिहार की चिकित्सा सेवा और शिक्षा का यह सबसे पुराना स्तंभ 25 फरवरी 1925 को ‘प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज’ के रूप में स्थापित हुआ था। एक सदी से अधिक के अपने सफर में इस संस्थान ने लाखों मरीजों को जीवनदान दिया है और हजारों डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया है। संस्थान का उद्घाटन 25 फरवरी 1925 को तत्कालीन गवर्नर सर हेनरी व्हीलर ने किया था। आजादी के बाद इसका नाम बदलकर पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कर दिया गया। स्थापना दिवस पर भव्य समारोह 101वें स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समारोह में देश और विदेश के जाने-माने चिकित्सा विशेषज्ञ भी भाग लेंगे। वे चिकित्सा क्षेत्र के नए आयामों पर चर्चा और विचार-विमर्श करेंगे, साथ ही मेडल प्राप्त करने वाले छात्रों को संबोधित भी करेंगे। स्थापना दिवस समारोह में मेडिकल शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह सम्मान छात्रों को प्रेरित करने और संस्थान की शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सबसे पुराना और सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है PMCH PMCH न केवल बिहार का सबसे पुराना और सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, बल्कि इसे विश्व के दूसरे सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक माना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। संस्थान ने जटिल सर्जरी, गंभीर बीमारियों के उपचार और मेडिकल रिसर्च में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 100 से 101: आधुनिकता की ओर बढ़ते कदम 101 साल की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल अब आधुनिक सुविधाओं, अत्याधुनिक भवन निर्माण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में इसे देश के शीर्ष सरकारी मेडिकल संस्थानों में शामिल करने की तैयारी है। एक सदी का अनुभव, सेवा का संकल्प और भविष्य की नई उड़ान, पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का 101वां स्थापना दिवस बिहार के लिए गौरव का क्षण है। विशेषज्ञों ने रखी अपनी-अपनी राय पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि, स्थापना दिवस के अवसर पर हम गौरवशाली परंपरा को याद करते हैं। उस गौरवशाली परंपरा को बरकरार रखने की कोशिश करते हैं। हमारा लक्ष्य स्वास्थ व्यवस्था और चिकित्सा क्षेत्र में नया आयाम और कीर्तिमान स्थापित करना है। बेहतर सुविधा देना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। करने में मार्गदर्शन करेंगे।डॉ. रामेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि स्थापना दिवस की विशेष समारोह के अवसर पर छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा। इस साल 115 गोल्ड मेडल दिया जा रहा है। इस समारोह में बिहार, दिल्ली, इंग्लैंड और अमेरिका के जाने माने चिकित्सा विशेषज्ञ छात्रों के बीच मौजूद रहेंगे। वे छात्रों के आत्मबलों, बेहतर मार्ग प्रशस्त
हमारा मकसद बेहतर शिक्षा और इलाज- प्राचार्य
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि, हमारा मकसद बेहतर शिक्षा और इलाज का स्तर को बढ़िया करना है, उन्होंने कहा की स्थापना दिवस के मौके पर संकल्प लेंगे की जो भी कमियां है उसे पूरा करेंगे खासकर शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में अस्पताल को बेहतर बनाना हमारा पहला लक्ष्य हैं। डॉ सच्चिदानंद कुमार ने बताया कि, स्थापना दिवस के अवसर पर छात्रों को गोल्ड मेडल दिया जा रहा है। ताकि वे प्रोत्साहित हो। उनका विकास हो जीवन में कड़ाई ही सफलता का सच्चा प्रेरक है। दक्षिण एशिया का 6वां मेडिकल कॉलेज है PMCH- डॉ. राजीव रंजन महावीर वात्सल्य के निदेशक एवं पटना मेडिकल कॉलेज के पूर्व अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि, ‘पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पूरे दक्षिण एशिया का 6वां मेडिकल कॉलेज है। यह अंग्रेज शासन के समय का मेडिकल कॉलेज है। आज देश ही नहीं विदेश के जाने-माने चिकित्सा जगत क्षेत्र के दिग्गज स्थापना दिवस के मौके पर आ रहे हैं। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अस्पताल को बेहतर बनाने की दिशा बेहद ही सराहनीय कार्य किया है। आज आबादी के अनुसार अस्पताल में बेड की संख्या भी बढ़ गई है,जिससे बिहार के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा एवं चिकित्सा क्षेत्र बेहतर अनुभव प्राप्त हो रहा है देते हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञ रहेंगे मौजूद
101वें स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर देश और विदेश के चिकित्सा क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञों की मौजूदगी रहेगी। इनमें डॉ. (प्रो.) नारायण प्रसाद, डॉ.(प्रो.) नरेंद्र प्रताप सिंह, पद्मश्री डॉ.(प्रो.) शांति रॉय, डॉ. ऋचा चौहान, डॉ.(प्रो.) गोविंद मखरिया, डॉ.(प्रो.) पंकज हंस, डॉ.(प्रो.) हिमांशु कुमार, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. पवन कुमार अग्रवाल, डॉ.(प्रो.) मंजू कुमारी, एवं कई चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Purbayan Chatterjee- A Musical Genius of Our Times

Introduction This is the third feature in a series of...

AUS W vs IND W 2026: Beth Mooney joins 7,000-run club, becomes fourth Australian batter to achieve the feat

Beth Mooney became the fourth Australian batter to surpass...
Join Us WhatsApp