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सरायकेला| नगर के माजना घाट स्थित शिव मंदिर परिसर में रविवार शाम ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग, पुरोहित एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर भगवान परशुराम के आदर्शों, उनके तप, त्याग और धर्म रक्षा के संकल्प को याद करते हुए वक्ताओं ने उनके जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक योद्धा ही नहीं, बल्कि न्याय और धर्म के प्रतीक थे। उन्होंने अन्याय और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को सही दिशा देने का कार्य किया। उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए समाज को सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। साथ ही ब्राह्मण समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। यह कार्यक्रम कोविड-19 के कार्यकाल से चली आ रही है। कार्यक्रम के दौरान नगर के प्रबुद्ध ब्राह्मणों एवं पुरोहितों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में कामाख्या प्रसाद दुबे, गोलक पति, नीलकंठ सारंगी, अरविंद कबि, ब्रह्मदेव महापात्र, मकरध्वज सतपथी, हलधर दास, तपन कुमार ज्योतिषी, दीपांकर दास, बुलु कर, रेनू पद सतपति, एमके सतपति, पुतो दास, सत्यव्रत रथ, प्रद्युम्न रथ, चंद्रशेखर कर और मुन्नू सारंगी एवं पवन कबि शामिल थे।


