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पलामू को मिलेगा नया फोरलेन
झारखंड में अगले छह महीने सड़क कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम हो सकते हैं। सितंबर 2026 से मार्च 2027 के बीच एनएचएआई की पांच बड़ी परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य है। इनमें 50-50 किमी के तीन फोरलेन सेक्शन, 59.66 किमी का 6-लेन चोरदाहा-गोरहर सेक्शन, साहिबगंज-मनिहारी गंगा पुल कॉरिडोर और जमशेदपुर का 10.02 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल हैं। इनके पूरा होने से कई रूट पर सफर आसान होगा, जाम का दबाव घटेगा और माल ढुलाई के लिए बेहतर रास्ते मिलेंगे। अक्टूबर से परियोजनाओं के पूरा होने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। सबसे पहले एनएच-75 के उदयपुरा-भोगू पैकेज-2 के पूरा होने का लक्ष्य है। 49.94 किमी लंबे इस फोरलेन की परियोजना लागत 1436.80 करोड़ है। इसके पूरा होने से रांची-वाराणसी कॉरिडोर का यह हिस्सा फोरलेन नेटवर्क से जुड़ेगा। दिसंबर 2026 में चोरदाहा-गोरहर के 59.66 किमी 6-लेन सेक्शन और साहिबगंज-मनिहारी गंगा पुल परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य है। साहिबगंज-मनिहारी गंगा पुल से संथाल को व्यापार को रफ्तार
जमशेदपुर में कॉरिडोर, जाम से राहत
एनएच-75 का भोगू-सांखा फोरलेन (49.33 किमी): मार्च 2027 में पूरा होगा। रांची-वाराणसी कॉरिडोर को गति मिलेगी, पलामू का सफर सुगम होगा।
कालीमंदिर-डिमना-बालीगुमा एलिवेटेड कॉरिडोर (10.02 किमी): जमशेदपुर में एलिवेटेड कॉरिडोर से भारी वाहन ऊपर से निकल जाएंगे, जिससे प्रमुख चौराहों पर भारी जाम की समस्या खत्म होगी। कृषि उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
फोरलेन और 6-लेन सड़क से ट्रकों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही आसान होगी। झारखंड के खनिज, औद्योगिक और कृषि उत्पादों को दूसरे राज्यों के बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। साहिबगंज-मनिहारी गंगा पुल से संथाल परगना से बिहार होते हुए उत्तर भारत की ओर माल भेजने का नया सड़क मार्ग उपलब्ध होगा।
बिहार-यूपी का सफर होगा आसान:6 माह में मिलेंगी 5 बड़ी सड़कें, रोड नेटवर्क के 5 प्रोजेक्ट मार्च 2027 तक पूरे होंगे
