
Jamui Student Harassment Case: जमुई में छात्रा से बदसलूकी और उसका वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है. जांच के दौरान एक ऐसा तथ्य सामने आया है, जिसने केस की कानूनी दिशा बदल दी है. अब तक तीन आरोपितों को नाबालिग मानकर विधि निरुद्ध किया गया था, लेकिन मेडिकल जांच में इनमें से एक की उम्र बालिग पायी गयी. इसके बाद पुलिस ने रामाशीष चौधरी को बालिग आरोपित मानते हुए अन्य आरोपितों की तरह न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के अनुसार, दो अन्य विधि निरुद्ध आरोपितों को बाल सुधार गृह भेजा गया है. वहीं रामाशीष चौधरी के बालिग पाए जाने के बाद उस पर मामले के अन्य बालिग आरोपितों के साथ ही मुकदमे की कार्रवाई होगी.
यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी आरोपित की उम्र उसके खिलाफ होने वाली कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करती है. ऐसे में मेडिकल जांच में उम्र की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने रामाशीष के मामले में आगे की कार्रवाई उसी आधार पर शुरू की है.
19 सितंबर की घटना, 21 सितंबर को वीडियो से खुला मामला
पुलिस के अनुसार, घटना 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे की है. छात्रा और उसके साथ मौजूद युवक के साथ एक स्थान पर कथित तौर पर बदसलूकी की गयी थी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद 21 सितंबर को पुलिस को इसकी जानकारी मिली.
इसके बाद पुलिस ने वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की और पीड़िता तक पहुंच बनाई. पीड़िता के पिता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी. पुलिस ने वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच शुरू की.
मामले में नंदन यादव, हरे राम यादव सहित अब तक कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी की बात पुलिस ने कही है. वहीं दो अन्य अज्ञात लोगों की तलाश अभी जारी है.
इस मामले की शुरुआती जांच में पुलिस ने वीडियो और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की थी. राष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना की रिपोर्टिंग हुई है और पुलिस ने मामले में विशेष जांच की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ायी है.
जहां घटना हुई वहां नहीं थी नियमित गश्ती
जांच के दौरान पुलिस अधीक्षक खुद उस इलाके में पहुंचे, जहां घटना हुई थी. एसपी ने बताया कि वहां नियमित पुलिस गश्ती नहीं होने और पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था नहीं होने की जानकारी सामने आयी.
अब पुलिस इस इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी कर रही है. एसपी के अनुसार, क्षेत्र में गश्ती को अधिक प्रभावी और नियमित बनाया जाएगा. साथ ही जरूरत वाले स्थानों पर लाइटिंग की व्यवस्था कराने की योजना है.
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सुनसान और कम रोशनी वाले स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी और निगरानी सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा से जुड़ती है. खासकर छात्र-छात्राओं और महिलाओं के आने-जाने वाले क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था को मजबूत करना स्थानीय लोगों के लिए अहम है.
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, पूरे इलाके की सुरक्षा पर फोकस
पुलिस का कहना है कि अब केवल इस मामले के आरोपितों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी. जिस इलाके में घटना हुई, वहां सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी.
एसपी ने कहा है कि इलाके को किस तरह अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है, इसको लेकर विस्तृत प्लानिंग की जाएगी. स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर उन्हें भी जागरूक किया जाएगा.
पुलिस लोगों के बीच यह संदेश पहुंचाने की कोशिश करेगी कि महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है. स्थानीय स्तर पर लोगों की जागरूकता और पुलिस की नियमित निगरानी दोनों को साथ लेकर चलने की योजना है.
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर, 120 हैंडल पर केस
इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने वीडियो बनाने और उसे प्रसारित करने वालों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है. एसपी के अनुसार, कुल 120 सोशल मीडिया साइट्स के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
पुलिस ने वीडियो वायरल करने के मामले में तीन आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी भी दी है. अब अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स को नोटिस भेजने की तैयारी है. पुलिस का कहना है कि नोटिस के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित हैंडल की भूमिका के आधार पर विधिवत कार्रवाई की जाएगी.
ऐसे मामलों में पुलिस की चुनौती केवल आरोपितों तक पहुंचना नहीं होती, बल्कि पीड़िता की पहचान और गरिमा की रक्षा करना भी महत्वपूर्ण होता है. वायरल सामग्री को बार-बार साझा करने से पीड़ित परिवार पर अतिरिक्त सामाजिक दबाव पड़ सकता है. इसलिए सोशल मीडिया यूजर्स की जिम्मेदारी भी अहम है.
2003 के हत्या मामले तक पहुंची जांच
इस केस की जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपित नंदन यादव के पिता गनौरी यादव के पुराने आपराधिक मामले की भी जानकारी सामने रखी है. एसपी के अनुसार, गनौरी यादव के खिलाफ वर्ष 2003 में हत्या के एक मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी और उस मामले में चार्जशीट भी दाखिल हुई थी.
पुलिस के मुताबिक, ट्रायल के दौरान वह लगातार फरार था. अब उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है और उसे न्यायिक हिरासत में प्रस्तुत किया जाएगा.
एसपी ने बताया कि 2003 के उस मामले में कई अन्य लोगों को सजा भी हो चुकी है. पुलिस अब उस पुराने मामले की भी जांच कर रही है और उसके ट्रायल की स्थिति के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
Jamui Student Harassment Case: दो महीने पहले दर्ज केस की भी होगी जांच
पुलिस ने एक अन्य आरोपित हरेराम यादव के संबंध में भी पुराना मामला सामने आने की जानकारी दी है. एसपी के अनुसार, उसके खिलाफ करीब दो महीने पहले अवैध खनन के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी. उस मामले में चार्जशीट की कार्रवाई भी की गयी है.
अब पुलिस उस इलाके में अवैध खनन और शराब के कारोबार से जुड़े मामलों की भी अलग से जांच और कार्रवाई की योजना बना रही है. पुलिस का कहना है कि ऐसे अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए क्षेत्र में कार्रवाई तेज की जाएगी.
एसपी ने यह भी कहा कि नंदन यादव का किसी राजनीतिक दल से संबंध था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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