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मुजफ्फरपुर पुलिस ने नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर देह व्यापार में धकेलने वाले अंतरजिला गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुजफ्फरपुर, वैशाली और पटना के लोग शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2 नाबालिग बच्चियों को बंधक से मुक्त कराया है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह कार्रवाई कथैया थाना क्षेत्र से नाबालिग बच्ची के अपहरण के मामले की जांच के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर हुई। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। एसएसपी ने बताया कि कथैया थाना क्षेत्र में लगने वाले हरदिया मेला से बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाया गया था। इस संबंध में कथैया थाना में कांड संख्या 55/26 दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, बच्ची को पहले मुजफ्फरपुर लाया गया। यहां उसे कथित तौर पर देह व्यापार में धकेल दिया गया। कुछ दिन बाद उसे पटना भेज दिया गया। पुलिस लगातार बच्ची की बरामदगी के लिए तकनीकी और मानवीय स्तर पर काम कर रही थी। एसएसपी के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के पर्यवेक्षण और SDPO पश्चिमी-01 के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। इसमें कथैया थानाध्यक्ष की टीम को भी शामिल किया गया था। तकनीकी अनुसंधान और मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पटना के रामकृष्ण नगर इलाके में छापेमारी की। यहां से अपहृत बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्ची की निशानदेही पर मुजफ्फरपुर में छापेमारी बरामदगी के बाद पुलिस ने बच्ची से पूछताछ की। उसकी निशानदेही और पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर मुजफ्फरपुर में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की गई। पुलिस ने मामले में शमिता कुमारी, अनीता कुमारी, आशीष कुमार और भूषण झा समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। पटना में कार्रवाई के दौरान बिट्टू कुमार, सुजीत कुमार और मकान मालिक गिरिजा यादव की गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तार आरोपियों में बिट्टू कुमार वैशाली, शमिता कथैया, सुजीत कुमार दीघा पटना, गिरिजा यादव रामकृष्ण नगर पटना, अनीता कुमारी सदर मुजफ्फरपुर, आशीष कुमार पारू और भूषण झा हथौड़ी थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।
एक बच्ची की निशानदेही पर दूसरी नाबालिग भी मिली पुलिस के अनुसार, छापेमारी और पूछताछ के दौरान एक अन्य नाबालिग बच्ची के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उसे भी सकुशल बरामद कर बंधक से मुक्त कराया। एसएसपी ने बताया कि बरामद बच्चियों से पूछताछ के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे गिरोह के संगठित तरीके से काम करने का पता चला है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बच्चियों को कुछ समय के अंतराल पर अलग-अलग जगहों पर क्यों और कैसे शिफ्ट किया जाता था। गिरोह में अलग-अलग लोगों को दी गई थी अलग जिम्मेदारी पुलिस के अनुसार, गिरोह में शामिल लोगों की भूमिका अलग-अलग थी। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार शमिता कुमारी बच्ची के गांव के आसपास की रहने वाली थी और उस पर बच्ची को बहला-फुसलाकर गिरोह के संपर्क में लाने की भूमिका होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, शमिता के पति पर ग्राहकों को लाने की भूमिका होने की जानकारी मिली है। वहीं, गिरोह में शामिल अन्य लोग पैसों की डील और दूसरे काम संभालते थे। पुलिस अब प्रत्येक आरोपी की भूमिका की अलग-अलग जांच कर रही है। लंबे समय तक अलग-अलग जगहों पर रखने की जांच एसएसपी ने बताया कि पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि बच्चियों को कुछ-कुछ समय के बाद अलग-अलग ठिकानों पर शिफ्ट किया जाता था या नहीं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह का नेटवर्क एक से अधिक जिलों में फैला हो सकता है। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को जांच के बाद छोड़ा नहीं जाएगा। बच्ची के स्वास्थ्य की जांच, मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही एसएसपी ने बताया कि बरामद बच्ची ने पूछताछ के दौरान लंबे समय तक अलग-अलग जगहों पर रहने के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने की जानकारी दी है। इसके बाद पुलिस ने उसे मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है। पुलिस के अनुसार, मामले में कुछ अन्य लोग अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस फिलहाल पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
हरदिया मेला से नाबालिग को ले गए, देह-व्यापार में धकेला:2 महिला सहित 7 गिरफ्तार, 2 बच्ची बरामद; मुजफ्फरपुर से पटना तक नेटवर्क
