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गयाजी शहर के टावर चौक पर शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका और उन्हें पद से हटाने-गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने दोनों चुनाव आयुक्तों की सलाह और आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था में लिए जाने वाले फैसलों में पारदर्शिता और सभी सदस्यों की सहमति जरूरी है। मतदाता सूची से जुड़े मामलों में उठ रहे सवालों का साफ जवाब जनता को मिलना चाहिए। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, 28 सितंबर 2026 को कांग्रेस कार्यालय राजेंद्र आश्रम से विशाल विरोध मार्च निकाला जाएगा। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विरोध मार्च के माध्यम से मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। कई बार लिखित आपत्ति दर्ज की गई है प्रदर्शनकारियों ने बताया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में विभिन्न फैसलों को लेकर कई बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों और आदेशों को अपनी जानकारी के बिना लिए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन दावों पर कहा है कि आयोग के सभी अहम निर्णय सभी की सहमति से लिए गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े फॉर्म-6 में किए गए बदलाव का मुद्दा भी उठाया। पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक और पारदर्शी बनाने की मांग की। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू ने कहा कि मतदाता सूची देश के लोकतांत्रिक ढांचे का अहम आधार है। मतदाताओं से जुड़े किसी भी फैसले में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।
नियुक्ति और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुरुआत से ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। नेताओं ने राहुल गांधी के लगाए गए वोट चोरी के आरोपों का भी उल्लेख किया। प्रदर्शन में जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राम प्रमोद सिंह, बाबूलाल प्रसाद सिंह, धर्मेंद्र कुमार निराला, इंटक की मनीषा सिंह, कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुनील कुमार पासवान, अनिल यादव, इंदल पासवान, नवाब अली, टिंकू गिरी, विनोद बनारसी सहित अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने टावर चौक पर नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
गयाजी में कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका:गिरफ्तारी और पद से हटाने की मांग, चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल
