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गिरिडीह के बिरनी प्रखंड में हाथियों का आतंक जारी है। गुरुवार देर रात झुंड से बिछड़े एक हाथी ने बंगराकला गांव में दो सगे भाइयों को कुचल दिया। ये दोनों भाई घर से शौच के लिए निकले थे। घायलों की पहचान बंगराकला निवासी 65 साल के बुधन यादव और 60 साल के महादेव यादव के रूप में हुई है। दोनों की हालत गंभीर है। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से दोनों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरनी ले जाया गया। अंधेरे में दोनों भाइयों को हाथी नहीं दिखा वहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया। गुरुवार रात करीब दो बजे दोनों भाई शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। उसी समय गांव के पास झुंड से बिछड़ा एक हाथी मौजूद था। रात में बिजली नहीं होने से चारों तरफ अंधेरा था। अंधेरे में दोनों भाइयों को हाथी नहीं दिखा और वे उसकी चपेट में आ गए। हाथी ने दोनों को पटककर कुचल दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हाथी ने स्कूल के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ी दोनों की चीख सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथी को वहां से भगाने की कोशिश की। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद भी हाथी का उत्पात खत्म नहीं हुआ। झुंड से बिछड़ा यह हाथी दलांगी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय बेहराबाद पहुंच गया। हाथी ने स्कूल के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दीं। साथ ही, स्कूल में रखे मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के चावल को खा लिया और काफी चावल खराब कर दिया। लगातार हाथियों के गांवों में आने से ग्रामीणों में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर भेजने और प्रभावित परिवारों को सही मुआवजा देने की मांग की है।
झुंड से बिछड़े हाथी ने दो भाइयों को कुचला:गिरिडीह में शौच के लिए निकले थे दोनों, गंभीर हालत में धनबाद रेफर; लोगों में दहशत
