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बिहारशरीफ के हनुमान मोड़ के पास ‘क्रांति युवा संघ’ की ओर से आयोजित गणेश पूजा और जागरण कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आयोजकों ने सोहसराय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें जानबूझकर पूजा और जागरण की अनुमति नहीं दी जा रही है। संघ के सदस्यों ने थानाध्यक्ष पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और सनातन विरोधी मानसिकता रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। आयोजकों ने लगाए गंभीर आरोप क्रांति युवा संघ के सदस्य रोशन कुमार ने बताया कि हम लोग हर साल गणेश पूजा और जागरण का आयोजन करते हैं। इस साल भी हमने अनुमंडल पदाधिकारी ऑफिस में आवेदन दिया था। वहां से जब पेपर सोहसराय थाने में जांच के लिए आया, तो थानाध्यक्ष ने पहले तो जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। फिर कहा कि जाओ, यहां जगह नहीं है, कार्यक्रम नहीं होगा। हम लोग वृंदावन मैरिज हॉल के आगे खाली स्पेस में जागरण करवा रहे हैं, जहां 10 हजार लोग खड़े होकर आराम से माता का जागरण देख सकते हैं, वहां कोई रोड नहीं है। हमारी जिला प्रशासन से मांग है कि वे खुद आकर जगह का मुआयना कर लें। अगर जगह नहीं होगी, तो हम कार्यक्रम नहीं करेंगे। कुछ दिन पहले शनि मंदिर के पास बीच सड़क पर जागरण की अनुमति मिल गई थी, लेकिन उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। ‘कार्यक्रम की पूरी तैयारी, लाखों रुपये एडवांस दिए हैं’ संघ के अध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि पिछले साल कुछ सदस्यों के बाहर होने के कारण कार्यक्रम नहीं हो पाया था, लेकिन इस साल पूरी तैयारी है। लाखों रुपए एडवांस दिए जा चुके हैं। जब हम थाने गए तो बड़ा बाबू ने कहा कि जगह नहीं है। बहुत जगह जागरण के नाम पर कुछ और कार्यक्रम हो रहे हैं। उन्हें परमिशन मिल जाती है, लेकिन हम धार्मिक कार्यक्रम कर रहे हैं तो रोका जा रहा है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो सनातन धर्म कैसे बचेगा? वहीं, एकंगरसराय से झूला लगाने आए संतोष कुमार ने भी बताया कि वे हनुमान मंदिर के पीछे फील्ड में झूला लगाने आए थे, लेकिन प्रशासन ने ड्रामा किया और आवेदन लेने से मना कर दिया।
SDO ने थानाध्यक्ष से मांगा स्पष्ट मंतव्य आयोजकों के आवेदन और शिकायत के बाद बिहारशरीफ के अनुमंडल पदाधिकारी ने 21 सितंबर को सोहसराय थानाध्यक्ष को एक पत्र (पत्रांक 141/गो०) जारी किया है। पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि आवेदक राजकुमार की ओर से गणेश पूजा के अवसर पर 28 सितंबर की शाम जागरण और भजन कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी गई है। SDO ने थानाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि आवेदन में वर्णित तथ्यों की विधि-व्यवस्था के दृष्टिकोण से जांच करें और अपने स्पष्ट मंतव्य के साथ अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं, ताकि आगे की अनुमति दी जा सके। वहीं, इस मामलें में सोहसराय थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मुकेश ने बताया कि आयोजकों के पास जागरण कराने की जगह नहीं है, जिसके कारण अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने अपना मंतव्य एसडीओ कार्यालय में समर्पित कर दिया है।
बिहारशरीफ में जागरण की अनुमति को लेकर टकराव:आयोजकों का पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप, थानाध्यक्ष ने जगह की कमी का दिया हवाला
