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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा एवं मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े गंभीर सवालों की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर आज बेगूसराय जिला कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला परिषद मार्केट स्थित श्रीबाबू की प्रतिमा से आक्रोश मार्च निकाल कर हड़ताली चौक पहुंचे। जहां चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा, मतदाता सूची की पारदर्शिता और प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार को सुनिश्चित करने की मांग की। जिलाध्यक्ष ने हटाए गए नामों की तकनीकी ऑडिट की मांग की जिलाध्यक्ष गरीब दास के के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में SIR की स्वतंत्र न्यायिक जांच, SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं के नामों का पुनः सत्यापन, मतदाता सूची एवं वोटर डेटाबेस की स्वतंत्र जांच तथा निर्वाचन आयोग की IT व्यवस्था का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराने की मांग की गई। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा तथा उनकी गिरफ्तारी एवं उनके कार्यशैली की स्वतंत्र जांच, उनके कार्यकाल में निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों की समीक्षा तथा आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई है। इसके साथ ही जांच को राजनीतिक या प्रशासनिक प्रभाव से मुक्त रखने के लिए उचित न्यायिक निगरानी की मांग की गई है। शिव प्रकाश गरीबदास बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त बीजेपी का दलाल जिलाध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त बीजेपी का दलाल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के माध्यम से इस देश की जनता का वोट को चोरी किया है। बिहार, बंगाल, महाराष्ट्र और हरियाणा का चुनाव को तत्काल रद्द कर फिर से चुनाव कराया जाए। पिछले लोकसभा चुनाव में भी वोट चोरी करके सरकार बनाया गया है। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा ही नहीं, उसके ऊपर देशद्रोह का मुकदमा एवं तत्काल जेल भेजे जाने तक हमलोग सड़क से लेकर सदन तक निरंतर आंदोलनरत रहेंगे। केरल के पूर्व मुख्य सचिव को ज्ञानेश कुमार ने लोकसभा में बीजेपी से चुनाव लड़ने का ऑफर किया था। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पदमुक्त किया जाए, तभी विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत का लोकतंत्र बचेगा। ‘स्वतंत्र जांच, दस्तावेज और पारदर्शिता से मिलना चाहिए’ शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने कहा कि वोट किसी राजनीतिक दल या नेता की जागीर नहीं, बल्कि भारत के प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। मतदाता सूची में किसी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटना उसके मताधिकार पर सीधा आघात है। SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े जो भी गंभीर सवाल सामने आए हैं, उनका जवाब राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि स्वतंत्र जांच, दस्तावेज और पारदर्शिता से मिलना चाहिए। महासचिव हारून रशीद खान ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। SIR से संबंधित सभी रिकॉर्ड, मतदाता डेटाबेस, Form-6 में किए गए बदलाव, नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया तथा निर्वाचन संबंधी IT प्रणालियों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। जांच में किसी अधिकारी द्वारा कानून का उल्लंघन, पद का दुरुपयोग अथवा निर्वाचन प्रक्रिया में आपराधिक हस्तक्षेप प्रमाणित होता है, तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की असली शक्ति जनता का मत है। किसी भी पात्र नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची की शुचिता, निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और संविधान की रक्षा के सवाल पर कांग्रेस लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
बेगूसराय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाला आक्रोश मार्च:CEC का इस्तीफा मांगा, SIR में पारदर्शिता की मांग की; जिलाध्यक्ष बोले- कई राज्यों में वोट चोरी की सरकार

