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औरंगाबाद शहर के सम्राट अशोक भवन में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, औरंगाबाद की वार्षिक आमसभा 2026 का आयोजन जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा, जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह और सहकारिता विभाग के वरीय पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आमसभा में बैंक के वित्तीय वर्ष 2025-26 के कामकाज, उपलब्धियों और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान सहकारिता क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले पैक्स अध्यक्षों और कर्मियों को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में संयुक्त निबंधक, सहकारिता समितियां मगध प्रमंडल गया, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक कृष्ण कुमार ओझा, जिला सहकारिता पदाधिकारी राजीव कुमार यादव, बैंक के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद सिंह, उपाध्यक्ष श्रीराम शर्मा, निदेशक मंडल के सदस्य सहित जिले के 189 पैक्स अध्यक्ष और व्यापार मंडल अध्यक्ष मौजूद रहे। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद जिले के सहकारी बैंक और पैक्सों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अधिकारियों के पद रिक्त रहने या किसी स्तर पर काम की गति धीमी होने के बावजूद अन्य कर्मियों ने अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने बैंक और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े सभी कर्मियों को बेहतर कार्य के लिए बधाई दी। बैंक की जमा में 26 करोड़ की बढ़ोतरी, नेटवर्थ और CRAR में भी सुधार आमसभा में बैंक के प्रबंध निदेशक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन पेश किया। रिपोर्ट के अनुसार बैंक की कुल जमा में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 2609.30 लाख रुपये यानी करीब 26.09 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। नई जमा योजनाओं के माध्यम से बैंक ने अपनी जमा राशि बढ़ाने में सफलता हासिल की है। बैंक का शेयर कैपिटल भी 63.45 लाख रुपये बढ़ा है। वहीं नेटवर्थ 2964.61 लाख रुपये से बढ़कर 3030.60 लाख रुपये हो गया। बैंक के लिए सीआरएआर में हुई वृद्धि भी महत्वपूर्ण रही। पिछले वर्ष नाबार्ड के अनुसार सीआरएआर 5.49 प्रतिशत था, जबकि इस वर्ष वैधानिक लेखा परीक्षक की रिपोर्ट में यह 12.45 प्रतिशत बताया गया है। हालांकि वित्तीय रिपोर्ट में कुछ ऐसे आंकड़े भी सामने आए, जिन्हें बैंक के लिए चुनौती माना गया। बैंक का ग्रॉस एनपीए पिछले वर्ष के 13 प्रतिशत से बढ़कर 18.10 प्रतिशत हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार इसका प्रमुख कारण पैक्सों को दिए गए कैश क्रेडिट ऋण की पूरी वसूली नहीं होना है। कृषि और गैर-कृषि क्षेत्र से वित्तीय वर्ष के दौरान करीब 1.77 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी। एनपीए बढ़ने का असर बैंक के ऋण वितरण और मुनाफे पर भी दिखाई दिया। वर्ष 2024-25 में 42147.32 लाख रुपये का ऋण वितरण हुआ था, जो 2025-26 में घटकर 35611.41 लाख रुपये रह गया। इसी तरह बैंक का शुद्ध लाभ 22.55 लाख रुपये से घटकर 10.54 लाख रुपये हो गया। 189 पैक्सों ने खरीदा 1.80 लाख टन धान, भुगतान और मिल टैगिंग की समस्या उठी धान अधिप्राप्ति के क्षेत्र में जिले के सहकारी तंत्र का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहा। रिपोर्ट के अनुसार जिले के 189 पैक्सों के माध्यम से 23,787 किसानों से 1,80,901.847 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। आमसभा के खुले सत्र में पैक्स अध्यक्षों ने धान अधिप्राप्ति के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। पैक्स अध्यक्षों ने एसएफसी में सीएमआर जमा करने के बाद भुगतान में देरी, मिल टैगिंग और एफआरके की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने बैंक और एसएफसी के बीच बेहतर समन्वय की मांग की, ताकि किसानों को भुगतान में अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़े। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि धान अधिप्राप्ति के दौरान भुगतान में देरी, लक्ष्य कम मिलने और मिल टैगिंग जैसी समस्याओं को लेकर किसानों और पैक्स अध्यक्षों में आक्रोश रहता है। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने इन परिस्थितियों में शालीनता और धैर्य के साथ समस्याओं को संभाला तथा विभागीय स्तर तक समस्याओं को पहुंचाया। उनके अनुसार समस्याओं का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान कराने का प्रयास किया गया, जिसका असर जिले के प्रदर्शन में दिखाई दिया। आमसभा में अगले वित्तीय वर्ष के लिए 3150 लाख रुपये की आय और 2924 लाख रुपये के खर्च का बजट प्रस्ताव भी रखा गया। एमडी ने अंशधारकों से बैंक की पूंजी बढ़ाने और बकाया ऋण की वसूली में सहयोग करने की अपील की। बैंक के लिए अब जमा वृद्धि और सीआरएआर में सुधार के साथ-साथ बढ़ते एनपीए और घटते मुनाफे पर नियंत्रण प्रमुख चुनौती के रूप में सामने आया है।
सहकारिता महाकुंभ में सामने आई बैंक की तस्वीर:26 करोड़ बढ़ी जमा राशि, NPA 18.10% पहुंचना चिंता का विषय; सम्राट अशोक भवन में आमसभा, डीएम ने किया उद्घाटन
