भास्कर न्यूज|गिरिडीह झारखंड अलग राज्य आंदोलनकारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे कर्पूरी ठाकुर चौक, पपरवाटांड़ के समीप गिरिडीह-डुमरी मुख्य सड़क जाम कर दी। आंदोलनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए। जाम के कारण पपरवाटांड़ से मुफस्सिल थाना गेट तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब दो घंटे तक सड़क जाम रहने से रांची, हजारीबाग, बोकारो और रामगढ़ से गिरिडीह होते हुए देवघर, दुमका और जमुई जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान एसआईआर की समीक्षा के लिए रांची से गिरिडीह आ रहे राज्य निर्वाचन पदाधिकारी रवि कुमार का काफिला कर्पूरी ठाकुर चौक पहुंचा। धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने काफिले को रोक दिया। एक महिला आंदोलनकारी वाहन के आगे खड़ी हो गई। मौके पर मौजूद मुफ्फसिल थाना पुलिस ने आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक समझाने के बाद आंदोलनकारियों ने सड़क से धरना हटाया। आंदोलनकारियों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम से गजट नोटिफिकेशन जारी कर झारखंड आंदोलनकारियों को सर्वोच्च सम्मान देने, आंदोलनकारियों के पुत्र-पुत्रियों एवं आश्रितों को सीधी नौकरी देने, 50 हजार रुपए सम्मान पेंशन देने और सरकारी संकल्पों का पालन करने की मांग की। इसके अलावा आंदोलनकारियों ने झारखंडियों को 26 प्रतिशत रॉयल्टी में अधिकार देने, जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी आंदोलनकारियों को सम्मान राशि का भुगतान करने तथा स्थानीय नियोजन नीति को भाषा और संस्कृति के आधार पर तय करने की मांग रखी। आंदोलन में पुरण राणा, पौलूस हंसदा, देवंती देवी, मंगरु हेंब्रम, मो. असलम, शनिचर हेंब्रम, सोनिया देवी और लक्ष्मी देवी समेत 50 से अधिक महिला-पुरुष आंदोलनकारी शामिल थे।
