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CEC को हटाने और SIR में छूटे नाम जोड़ने समेत 4 मांगों के समर्थन में 2 अक्टूबर को सड़क पर उतरेगा लेफ्ट

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के मुद्दे पर वामदल सड़क पर विरोध के लिए उतरने जा रहे हैं. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की प्रदेश इकाई ने 2 अक्टूबर को कोलकाता में विरोध रैली निकालने का ऐलान किया है. इस रैली के केंद्र में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग शामिल हैं.

नेताजी से गांधी मूर्ति तक निकलेगा जुलूस

माकपा के पश्चिम बंगाल राज्य सचिव मोहम्मद सलीम के मुताबिक, 2 अक्टूबर को एस्प्लेनेड इलाके में नेताजी की मूर्ति से महात्मा गांधी की मूर्ति तक जुलूस निकाला जायेगा. पार्टी इसे निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर अपने विरोध को सामने रखने के कार्यक्रम के तौर पर आयोजित करेगी.

वामदलों की 4 मांगें

  1. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना.
  2. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर तत्काल रोक लगाना.
  3. एसआईआर के तहत हटाये गये नामों को फिर से वोटर लिस्ट में जोड़ना.
  4. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े वर्ष 2023 के कानून को रद्द करना.

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CEC को हटाने की मांग सबसे ऊपर

वामदलों की प्रमुख मांग ज्ञानेश कुमार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से हटाने की है. सलीम ने कहा कि आयोग के कामकाज के लोकतांत्रिक और स्वतंत्र नियम फिर से बहाल किये जाने चाहिए.

SIR पर तत्काल रोक की मांग

रैली के जरिये वामदल SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग भी उठायेंगे. पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाये गये हैं. हालांकि, ये आरोप माकपा की ओर से लगाये गये हैं.

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हटाये गये नाम फिर जोड़ने पर जोर

वामदलों की मांग सिर्फ SIR रोकने तक सीमित नहीं है. वे पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से हटाये गये सभी वास्तविक मतदाताओं के नाम फिर से जोड़ने की मांग भी कर रहे हैं.

2023 के नियुक्ति कानून पर सवाल

वामदल मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े वर्ष 2023 के कानून को रद्द करने की मांग भी कर रहे हैं. इस तरह 2 अक्टूबर की रैली में SIR के साथ निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की व्यवस्था भी राजनीतिक मुद्दा रहेगी.

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दिल्ली में हिरासत के बाद बंगाल में विरोध

सलीम ने मंगलवार को नयी दिल्ली में निर्वाचन आयोग मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे माकपा महासचिव एमए बेबी और अन्य वाम नेताओं को हिरासत में लिये जाने की निंदा की. ये नेता SIR विवाद के बीच CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे थे.

RSS-BJP पर लगाये गंभीर आरोप

सलीम ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक मकसद पूरे करने के लिए मतदाता सूची से लाखों नाम हटवाये हैं.

उपचुनाव से पहले SIR फिर बना राजनीतिक मुद्दा

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था. SIR पर वामदल पहले भी अपनी आपत्तियां रख चुके हैं.

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