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जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नारायणपुर और करमाटांड़ थाना क्षेत्रों में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे और खाते से जुड़ी जानकारी हासिल करने के बाद ठगी करते थे। इसके अलावा फोन-पे पर कैशबैक मिलने का झांसा देकर भी लोगों के खातों से रकम उड़ाने का काम करते थे। एसपी की सूचना पर गठित की गई थी विशेष टीम साइबर डीएसपी अमित रविदास ने बताया कि एसपी शंभू कुमार सिंह को साइबर ठगी करने वाले गिरोह के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सूचना के आधार पर नारायणपुर थाना क्षेत्र के बांका गांव में छापेमारी की, जहां से हासिम अंसारी (28) को गिरफ्तार किया गया। वहीं, करमाटांड़ थाना क्षेत्र के शीतलपुर मैदान में छापेमारी कर सैयद अंसारी (31), कोसर अंसारी (26) और अफताब हुसैन (19) को पकड़ा गया। पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में 3 अक्टूबर 2026 को साइबर थाना में केस संख्या 63/26 दर्ज किया गया है। केनरा बैंक का फर्जी अधिकारी बनकर करते थे कॉल पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को केनरा बैंक का फर्जी अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे। बैंक खाते से जुड़ी समस्या बताकर वे लोगों से जरूरी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते थे। इसके बाद उन्हें ठगी का शिकार बनाया जाता था। पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी फोन-पे पर 999 रुपए का कैशबैक मिलने का मैसेज भी भेजते थे। मैसेज देखकर जब कोई व्यक्ति कैशबैक स्वीकार करने की प्रक्रिया शुरू करता था, तो आरोपी उसे फर्जी ऐप या लिंक के जरिए आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहते थे। कैशबैक स्वीकार करते ही खाते से निकाल लेते थे रकम पुलिस के अनुसार, फर्जी ऐप के जरिए कैशबैक स्वीकार करते ही पीड़ित के खाते से रकम निकाल ली जाती थी। आरोपी तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को इस तरह भ्रमित करते थे कि उन्हें लगता था कि वे कैशबैक प्राप्त कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर उनके बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर हो जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड को जांच के लिए जब्त कर लिया है। अब पुलिस इन मोबाइल और सिम की मदद से आरोपियों के संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों तथा साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों के भी खुलासा होने की उम्मीद है।
जामताड़ा में 4 साइबर अपराधी हुए गिरफ्तार:बैंक अधिकारी बनकर करते थे ठगी, कैशबैक का झांसा देकर खाते से उड़ाते थे रुपए
