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भास्कर न्यूज|लोहरदगा
नगर परिषद, लोहरदगा द्वारा आवंटित भूमि और दुकानों की बकाया राशि जमा नहीं करने वाले बड़े बकायेदारों के विरुद्ध नगर परिषद ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को नगर परिषद की टीम ने शहर में अभियान चलाया। कुल 23 दुकानों को सील कर दिया गया। कार्रवाई अंचल अधिकारी रामनारायण खलखो, लोहरदगा-सह-दंडाधिकारी, एवं कार्यपालक पदाधिकारी मुक्ति किरो के नेतृत्व में की गई। अभियान के दौरान नगर प्रबंधक करण कच्छप, नगर मिशन प्रबंधक, सहित नगर परिषद के कार्यालय कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों की टीम ने नगर परिषद द्वारा पूर्व में आवंटित दुकानों की जांच की। लंबे समय से बकाया राशि का भुगतान नहीं करने वाले दुकानदारों के प्रतिष्ठान सील किए गए। कार्रवाई के बाद संबंधित दुकानदारों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी गई। दो-तीन बकायेदारों को छोड़कर सभी पर डेढ़ से दो लाख रुपये तक बकाया बताया गया है। सील की गई 23 दुकानों पर लगभग 20 लाख रुपये से अधिक बकाया रहने की बात कही गई है। नगर परिषद के अनुसार, आवंटित भूमि और दुकानों से संबंधित बकाया राशि की वसूली को लेकर लगातार प्रयास किया जा रहा है। बकायेदारों को राशि जमा करने के लिए अवसर दिए गए। भुगतान नहीं करने की स्थिति में सीलिंग की कार्रवाई की गई। नगर परिषद ने स्पष्ट किया कि बकाया राशि की वसूली के लिए आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रह सकती है। सील की गई दुकानों में राम विलास प्रसाद, सुहैल अहमद, मो. हसान, सेराज अंसारी, असलम खान, अरसद मक्की, मो. इरफान, अरविन्द राम वर्मा, रामजी प्रसाद, शीतल साहु, अंजनी कुमार रजगढिया, आदिल रजा, मुमताज अहमद, तौकीर आलम, तनवीर आलम, नेमतुल्ला, नेजार आलम, शबनम बानो, शगुफ्ता परवीन, आफताब आलम, शहजाद आलम, शकील अहमद, और असरफ अंसारी की दुकानें शामिल हैं। नगर परिषद की इस कार्रवाई से बकाया रखने वाले अन्य दुकानदारों में भी चर्चा तेज हो गई है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि बकाया राशि का भुगतान नहीं करने वाले अन्य बड़े बकायेदारों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल दुकानों को सील कर बाहर पोस्टर चस्पा किया गया है।
नप ने 23 दुकानों को सील किया, 23 दुकानों का 20 लाख से अधिक बकाया
