जमुई सदर अस्पताल में दो प्रसूता महिलाओं की मौत के बाद रविवार को स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई।
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बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह ने सदर अस्पताल पहुंचकर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई और अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. थानिष को जमकर फटकार लगाई।
मंत्री के अस्पताल से निकलने के करीब चार घंटे बाद जिला प्रशासन की टीम ने डॉ. शालिनी के निजी क्लिनिक पर अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस जवान भी तैनात रहे।
देखें, मौके से आई तस्वीरें…



मंत्री के जाने के बाद अचानक पहुंची प्रशासन की टीम
अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार के नेतृत्व में सदर अंचल अधिकारी और सदर अस्पताल उपाधीक्षक की टीम निजी क्लिनिक पहुंची।
अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने क्लिनिक के अलग-अलग हिस्सों की जांच की और वहां मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
CCTV से लेकर मरीजों और रिकॉर्ड तक की जांच
छापेमारी के दौरान टीम ने क्लिनिक में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। अधिकारियों ने वहां भर्ती मरीजों से बातचीत की और उनके इलाज से जुड़ी जानकारी ली। इसके अलावा इलाज से संबंधित रजिस्टर और अन्य दस्तावेज भी खंगाले गए।
आवास पर मौजूद होने की चर्चा, गेट नहीं खोलने का दावा
सूत्रों के अनुसार, डॉ. शालिनी अपने आवास पर मौजूद हैं, लेकिन उन्होंने गेट नहीं खोला। बताया जा रहा है कि प्रशासन की ओर से महिला पुलिसकर्मियों को भी बुलाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दो प्रसूताओं की मौत के बाद उठे थे गंभीर सवाल
शनिवार रात से रविवार सुबह तक सदर अस्पताल में दो प्रसूता महिलाओं की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
इसके बाद मंत्री श्रेयसी सिंह अस्पताल पहुंचीं और अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने तथा पूरे मामले को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया।

अब प्रशासन के आधिकारिक बयान का इंतजार
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने क्लिनिक की व्यवस्थाओं और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी जुटाई। हालांकि, जांच किन बिंदुओं पर कें9द्रित थी और टीम को क्या-क्या मिला, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन के बयान के बाद ही कार्रवाई की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

