पटना मेट्रो को शुरू हुए एक साल पूरा हो गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 6 अक्टूबर 2025 को पटना मेट्रो के पहले प्रायोरिटी कॉरिडोर का उद्घाटन कर इसे हरी झंडी दिखाई थी।
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पटना मेट्रो के कुल 32.5 km में 6.2 km में ही अभी मेट्रो का परिचालन हो रहा है। मेट्रो ट्रेन सिर्फ चार स्टेशन (आईएसबीटी, जीरोमाइल, भूतनाथ और मलाही पकड़ी) तक चल रही है। खेमनीचक पर अभी इसका ठहराव नहीं है।
दिसंबर तक पटना मेट्रो का पहला इंटरचेंज स्टेशन खेमनीचक चालू होगा। वहीं, अंडरग्राउंड रूट पर पहली बार मेट्रो 2028 में दौड़ेगी। इसके लिए तेजी से टनल निर्माण हो रहा है।
दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट में पढ़िए, अभी पटना मेट्रो का कितना निर्माण हुआ है। अंडरग्राउंड रूट पर मेट्रो का क्या हाल है? पटना जू के पास एलाइनमेंट क्यों बदला गया?
पहले एक नजर में जानिए पटना मेट्रो नेटवर्क
पटना में ISBT से दानापुर तक 32.5 km लंबी मेट्रो लाइन बन रही है। कॉरिडोर-1 के हिस्से में 17.93 km और कॉरिडोर-2 में 14.55 km है। कॉरिडोर-1 में एलिवेटेड ट्रैक 7.39 km और अंडरग्राउंड ट्रैक 10.54 km है।
वहीं, कॉरिडोर-2 में एलिवेटेड ट्रैक 6.63 km और अंडरग्राउंड ट्रैक 7.92 km है। अभी 6.2 km में मेट्रो का परिचालन हो रहा है। इसमें आईएसबीटी, जीरोमाइल, भूतनाथ और मलाही पकड़ी स्टेशन शामिल हैं। खेमनीचक पर मेट्रो अभी रुक नहीं रही है। आईएसबीटी से भूतनाथ तक किराया 15 रुपए और मलाही पकड़ी तक 30 रुपए है।

पटना मेट्रो का पहला इंटरचेंज स्टेशन दिसंबर तक होगा चालू
पटना मेट्रो का पहला इंटरचेंज स्टेशन खेमनीचक दिसंबर तक चालू होगा। इसे अक्टूबर में चालू करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण समयसीमा दो महीने बढ़ाई गई है।
खेमनीचक से दो प्रमुख रूट मलाही पकड़ी और मीठापुर की ओर जाते हैं। दोनों रूटों का जरूरी काम पूरा होने के बाद स्टेशन को यात्रियों के लिए खोला जाएगा। वहीं, खेमनीचक से मीठापुर के बीच 3.1 km लंबे एलिवेटेड रूट पर जून 2027 तक परिचालन शुरू करने का लक्ष्य है।
पुणे से आ रही छह बोगी वाली तीन ट्रेन सेट
पटना मेट्रो का विस्तार अब खेमनीचक से मीठापुर तक किया जा रहा है। दोनों स्टेशनों के बीच 3.1 km लंबा एलिवेटेड ट्रैक बनाया जा रहा है। इस हिस्से पर छह बोगी वाली मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी है। इससे रूट के विस्तार के साथ यात्रियों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (PMRCL) ने छह बोगी वाली तीन ट्रेन सेट के लिए पुणे मेट्रो को ऑर्डर दिया है। इन्हें तीन साल की लीज पर लिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन सेट दिसंबर तक पटना पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल पटना मेट्रो में तीन बोगी वाली ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है।
कॉरिडोर-2 के 5 अंडरग्राउंड स्टेशनों पर फिनिशिंग वर्क शुरू होगा
कॉरिडोर-2 के मोइनुल हक स्टेडियम से पटना जंक्शन वाले हिस्से में 5 अंडरग्राउंड स्टेशनों (मोइनुल हक स्टेडियम, पटना यूनिवर्सिटी, पीएमसीएच, गांधी मैदान और आकाशवाणी) पर फिनिशिंग का काम शुरू होगा।
सिविल कार्य पूरा होने के बाद इलेक्ट्रिकल वर्क और ट्रैक बिछाने का काम शुरू होगा। लिफ्ट और एस्केलेटर लगाने के लिए अलग से टेंडर जारी किए जाएंगे। इस हिस्से को 2028 तक चालू करने का लक्ष्य है।

राजेंद्रनगर-पटना जंक्शन अप लाइन की 7.5 km लंबी सुरंग तैयार
राजेंद्रनगर से मलाही पकड़ी के बीच रैंप बनाने का काम दिसंबर तक पूरा किया जाएगा। वहीं, राजेंद्रनगर से पटना जंक्शन के बीच 7.5 km लंबी अप सुरंग का निर्माण पूरा हो गया है। डाउन सुरंग का काम अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।
पटना जंक्शन से रुकनपुरा के बीच अंडरग्राउंड टनल का निर्माण नवंबर से शुरू करने की तैयारी है। पटना जंक्शन से मीठापुर तक अंडरग्राउंड हिस्से को अभी अंतिम अनुमति नहीं मिली है।
दानापुर-पाटलिपुत्र सेक्शन की डेडलाइन 2030 तक बढ़ी
कॉरिडोर-1 में दानापुर से पाटलिपुत्र स्टेशन के बीच 7.39 km हिस्से का काम करीब 70% पूरा हुआ है। पहले इसे सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब इसकी नई समयसीमा सितंबर 2030 तय की गई है। इस हिस्से में दानापुर, सगुना मोड़ और आरपीएस मोड़ जैसे एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं।
वहीं, आरपीएस से पाटलिपुत्र स्टेशन तक स्लैब चढ़ाने और स्टेशन का निर्माण बचा है। इसका निर्माण पूरा होने बाद पाटलिपुत्र स्टेशन से रुकनपुरा के बीच रैंप बनाकर अंडरग्राउंड टनल में मिलाया जाएगा।
मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक सिविल वर्क का काम चल रहा है। इसके पूरा होने बाद स्टेशन पर एस्केलेटर, लिफ्ट सहित अन्य कार्यों तेजी से किया जाएगा।
पटना जू मेट्रो स्टेशन के अलाइनमेंट में हुआ तकनीकी बदलाव
पटना जू के पास मेट्रो का स्टेशन बन रहा है। इसके अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन के अलाइनमेंट में तकनीकी बदलाव किया गया है। अब पटना जू मेट्रो स्टेशन को लोक भवन के साइड शिफ्ट किया गया है।
यह बदलाव किसी बड़े रूट परिवर्तन के बजाय कुछ मीटर के माइक्रो-अलाइनमेंट एडजस्टमेंट के तौर पर किया गया है, ताकि सुरंग चिड़ियाघर की बाउंड्री के बाहर सड़क के दायरे में रहे। इसके डिजाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

पटना मेट्रो के लिए बनाई गई सुरंग से गुजरते निर्माण कार्य से जुड़े लोग।
जू परिसर के अंदर नहीं जाएगी मेट्रो की सुरंग
मेट्रो की सुरंग को पटना जू की सीमा से दूर रखते हुए सड़क के राइट ऑफ वे (ROW) के अंदर से ले जाने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य चिड़ियाघर परिसर और वहां मौजूद पेड़-पौधों व वन्यजीवों को निर्माण से होने वाले संभावित प्रभाव से बचाना है।
अगर सुरंग जू की सीमा के अंदर या उसके नीचे से गुजरती तो इसके लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA), वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों से अतिरिक्त मंजूरियों की जरूरत पड़ सकती थी। इससे परियोजना के काम में देरी की आशंका रहती।
अलाइनमेंट को सड़क की ओर करने से मेट्रो निर्माण के लिए जरूरी वैधानिक मंजूरियों से जुड़ी संभावित अड़चनें कम होंगी।
जू के पास सुरंग बनाने के लिए 4 टीबीएम नवंबर में डाली जाएगी
TBM (सुरंग खोदने वाली मशीन) से अंडरग्राउंड सुरंग बनाने के दौरान जमीन के अंदर खुदाई के कारण कंपन और शोर पैदा होता है। ऐसे में सुरंग को जू परिसर से दूर रखने का उद्देश्य वन्यजीवों के प्राकृतिक वातावरण पर संभावित प्रभाव को कम करना है।
अधिकारियों के मुताबिक पटना जू के पास बने मेट्रो शाफ्ट में सुरंग बनाने के लिए चार टीबीएम नवंबर में डाली जाएगी। यहां से दो टीबीएम पूरब दिशा की ओर निकलकर पटना जंक्शन की तरफ अप-डाउन सुरंग बनाएगी। दो टीबीएम पश्चिम दिशा में रूकनपुरा स्टेशन तक अप-डाउन सुरंग बनाते हुए जाएगी।

मोइनुल हक मेट्रो स्टेशन पर प्लेटफार्म बनाने का काम चल रहा है।
पटना जंक्शन और राजेंद्रनगर मेट्रो स्टेशन पर 2027 से शुरू होगा फिनिशिंग वर्क
पटना जंक्शन और राजेंद्रनगर मेट्रो स्टेशन पर फिनिशिंग का काम 2027 से शुरू करने की तैयारी है। पटना जंक्शन पर तीन तल का अंडरग्राउंड इंटरचेंज स्टेशन बनाया जा रहा है।
यहां यात्री कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 के बीच ट्रेन बदल सकेंगे। ट्रैफिक चालू रखते हुए अंडरग्राउंड निर्माण और जमीन उपलब्ध होने में देरी के कारण यहां काम प्रभावित हुआ है।
पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन पूरे मेट्रो नेटवर्क का सबसे बड़ा स्टेशन होगा। तीन फ्लोर वाला यह स्टेशन रेड लाइन और ब्लू लाइन को जोड़ेगा।
पटना जंक्शन स्टेशन के पहले फ्लोर पर टिकट काउंटर, जांच द्वार और अन्य यात्री सुविधाएं होंगी। दूसरे और तीसरे फ्लोर पर अलग-अलग प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। यहां तक पहुंचने के लिए एस्केलेटर और लिफ्ट की व्यवस्था की जाएगी।
दूसरे फ्लोर के प्लेटफार्म से कॉरिडोर-टू के लिए मेट्रो ट्रेनें संचालित होंगी। ये पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल स्टेशन तक जाएंगी। वहीं, तीसरे फ्लोर पर बने प्लेटफार्म से कॉरिडोर-वन के लिए ट्रेनें चलेंगी। ये पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन से दानापुर मेट्रो स्टेशन जाएंगी।

जगनपुरा मेट्रो स्टेशन पर स्लैब बिछाया गया है स्टेशन को पूरा रूप दिया जा रहा है।
ट्रेन से उतरने के बाद मेट्रो से अपने घर जा सकेंगे लोग
पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि रेलवे और मेट्रो के बीच यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिले। इस मेट्रो स्टेशन पर जाने के लिए पटना जंक्शन, मल्टीलेवल पार्किंग, चिरैयाटांड़ पुल की तरफ से जाने की सुविधा होगी।
मेट्रो स्टेशन की पार्किंग को सीधे पटना जंक्शन की पार्किंग से जोड़ा जाएगा। एक स्टेशन से दूसरे पर जाने का रास्ता होगा। ट्रेन से उतरने के बाद लोग मेट्रो से अपने घर जा सकेंगे।
महावीर मंदिर के सामने बनेगा नया अंडरग्राउंड सब-वे
महावीर मंदिर के सामने एक नया अंडरग्राउंड सब-वे बनेगा। इससे बुद्धा स्मृति पार्क के सामने बन रहे इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन तक सीधे आ-जा सकते हैं। मौजूदा सब-वे नेटवर्क को आगे बढ़ाते हुए मेट्रो स्टेशन तक एक नया कनेक्शन जोड़ा जा रहा है।
इससे यात्रियों को सड़क पार करने या ट्रैफिक में उलझने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग ट्रेन से उतरते ही बिना सड़क पार किए सीधे मेट्रो पहुंचेंगे। इस सब-वे में एस्केलेटर, लिफ्ट और ट्रैवलेटर जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।

पटना मेट्रो के लिए सुरंग खोदने वाली मशीन से कुछ इस तरह सुरंग बनाए गए।
बेली रोड की चौड़ाई 15-15 फीट बढ़ेगी
मेट्रो लाइन निर्माण की वजह से बेली रोड की चौड़ाई दोनों तरफ 15-15 फीट बढ़ेगी। पटना मेट्रो ने सड़क के दोनों तरफ चौड़ाई बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। पहले चरण में आयकर गोलंबर से राजभवन तक सड़क चौड़ी करने की तैयारी है।
इसके अलाइनमेंट में आने वाले आधा दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों की बाउंड्री वॉल तोड़ी जाएगी। विश्वेश्वरैया भवन में दो साल पहले 73.17 करोड़ खर्च कर परिसर का जीर्णोद्धार और अंडरग्राउंड बेसमेंट पार्किंग बनाई गई थी। अब इस पार्किंग का 15 फीट चौड़ा प्रवेश मार्ग टूट कर मात्र 7.5 फीट का रह जाएगा।
पहले फेज में क्या होगा?
तोड़े जाएंगे ये दफ्तर: विद्युत भवन, नियोजन भवन, विश्वेश्वरैया भवन, ललित भवन और नेहरू पार्क की बाउंड्री टूटेगी।
कॉलेज और गोलंबर पर असर: पटना वीमेंस कॉलेज के ठीक सामने का खुला हिस्सा पूरी तरह से सड़क में शामिल हो जाएगा।
ट्रैफिक सुधार: आयकर गोलंबर के व्यास को छोटा किया जाएगा और पास की फल मंडी को हटाया जाएगा।
