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सात सूत्री मांगों को लेकर बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ के बैनर तले मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं ने औरंगाबाद शहर में आक्रोश मार्च निकाला। मार्च सदर अस्पताल से शुरू होकर पुरानी जीटी रोड, रमेश चौक, समाहरणालय और ब्लॉक मोड़ होते हुए दानी बिगहा पहुंचा। इस दौरान आशा कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पूरा करने की आवाज उठाती रहीं। दानी बिगहा पहुंचने के बाद आक्रोश मार्च धरना में तब्दील हो गया। प्रदर्शन में चिकित्सा संघ के संयोजक संजय कुमार सिंह भी शामिल हुए। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला मंत्री सह राज्य मंत्री सुधा सुमन एवं राज्य उपाध्यक्ष प्रसाद सिंह ने किया। धरना के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय से उनकी विभिन्न मांगें लंबित हैं। सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी है। कार्यकर्ताओं ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की। बकाया राशि के भुगतान से लेकर सेवा शर्तों में बदलाव की मांग आशा कार्यकर्ताओं ने बकाया प्रोत्साहन राशि और राज्य राशि का अविलंब भुगतान करने की मांग की। साथ ही राशि के भुगतान में पारदर्शिता और एकरूपता बरतने की मांग रखी गई। संघ ने कहा कि आशा के खाते में किस महीने और किस मद की राशि भेजी जा रही है, इसका स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए, ताकि भुगतान को लेकर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे। संघ की ओर से आभा कार्ड, एनसीडी और एनेमिया मरीजों की खोज समेत गैर संचारी रोगों से जुड़े कार्यों में आशा कार्यकर्ताओं के साथ प्रशिक्षित एएनएम और सीएचओ को लगाने की मांग की गई। मोबाइल पर डाटा अपलोड करने का काम भी डाटा ऑपरेटर, एएनएम और सीएचओ से कराने की मांग उठाई गई। इसके अलावा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र के बजाय आधार कार्ड को उम्र का आधार मानकर आशा कार्यकर्ताओं को सेवा से हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई। पूर्व में हटाई गई योग्य आशा कार्यकर्ताओं को जांच के बाद पुनः सेवा में लेने और आशा एवं आशा फैसिलिटेटर की सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष करने की मांग भी रखी गई। 1500 से 3500 रुपये राशि करने की मांग, सड़क जाम की चेतावनी जिला मंत्री सह राज्य मंत्री सुधा सुमन ने कहा कि केंद्र सरकार अपने वादे से पीछे हट रही है। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सांसद जॉन ब्रिटास के प्रश्न के संदर्भ में सदन में आशा कार्यकर्ताओं की 1500 रुपये की राशि बढ़ाकर 3500 रुपये करने और कई प्रोत्साहन राशियों में वृद्धि की घोषणा की थी। लेकिन अब तक इसे लागू करने के लिए प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि धरना-प्रदर्शन के माध्यम से भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में सड़क जाम कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में सुषमा कुमारी, नेहा कुमारी, कंचन कुमारी, रंभा कुमारी, अंजू कुमारी, ममता कुमारी, पूनम कुमारी, सुनीता देवी, बिंदु कुमारी और चिंता कुमारी समेत बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं।
औरंगाबाद- सात सूत्री मांग को लेकर आशा-कार्यकर्ताओं का आक्रोश मार्च:सदर अस्पताल से निकलकर दानी बिगहा में धरना, बोलीं- मांग पूरी नहीं हुई तो सड़क जाम करेंगे
