Jamui Dr Shalini Clinic Sealing IMA News: बिहार के जमुई जिले से एक ऐसी ही बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जिसने स्वास्थ्य महकमे के साथ-साथ पूरे प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है. जमुई की जानी-मानी चिकित्सक डॉ शालिनी सिंह के निजी क्लीनिक को सील किए जाने की प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है.
डॉक्टरों ने सीधे शब्दों में 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर सील नहीं हटाई गई, तो बुधवार से पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप्प कर दी जाएंगी.
नियमों को ताक पर रखकर हुई कार्रवाई: स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना लेकर सिविल सर्जन दफ्तर पहुंचे डॉक्टर
जमुई जिले के नामचीन डॉक्टरों का गुस्सा मंगलवार को उस वक्त खुलकर सामने आया, जब आईएमए का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार से मिलने पहुंचा. डॉक्टरों ने बिना किसी पूर्व नोटिस के डॉ शालिनी सिंह के निजी क्लीनिक पर ताला जड़ने की कार्रवाई को पूरी तरह गैर-कानूनी और तानाशाही करार दिया.
प्रतिनिधिमंडल ने सिविल सर्जन के सामने स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3 जून 2026 को जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना की प्रति रखी. डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि विभागीय गाइडलाइंस के मुताबिक किसी भी एमबीबीएस चिकित्सक के क्लीनिक या नर्सिंग होम पर किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई या सीलिंग से पहले बाकायदा कारण बताओ नोटिस जारी करने का अनिवार्य प्रावधान है.
जानिए क्यों भड़के हैं आईएमए के सदस्य
सिविल सर्जन से मुलाकात के दौरान आईएमए के सदस्यों ने सरकारी नियमों का हवाला देते हुए प्रशासनिक जल्दबाजी पर कड़े सवाल उठाए. चिकित्सकों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना में स्पष्ट लिखा है कि यदि कोई एमबीबीएस डॉक्टर नियमों का पहली बार उल्लंघन करता है, तो उस पर अधिकतम 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है.
वहीं अगर दूसरी बार नियमों की अनदेखी पाई जाती है, तो जुर्माने की राशि बढ़कर 25 हजार रुपये करने का प्रावधान है. डॉक्टरों का कहना है कि जब नियम साफ-साफ जुर्माने और नोटिस की बात करते हैं, तो फिर कानून की धज्जियां उड़ाते हुए सीधे क्लीनिक सील करने का तुगलकी फरमान क्यों जारी किया गया. बिना किसी पूर्व सूचना या पक्ष रखने का मौका दिए क्लीनिक पर ताला लटकाना पूरी तरह अनुचित है.
24 घंटे का अल्टीमेटम और कोर्ट जाने की चेतावनी: आम मरीजों पर मंडराया स्वास्थ्य संकट का खतरा
डॉक्टरों के इस तल्ख तेवर ने जमुई के आम नागरिकों और दूर-दराज से आने वाले गरीब मरीजों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. आईएमए के पदाधिकारियों ने सिविल सर्जन से दो टूक शब्दों में कह दिया है कि अगर अगले 24 घंटे के अंदर डॉ शालिनी सिंह के क्लीनिक से सील नहीं हटाई गई, तो बुधवार से जिले के सभी निजी और सरकारी डॉक्टर कामबंद हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे.
चिकित्सकों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे कानून या स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे प्रक्रियात्मक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं. अगर 24 घंटे के भीतर प्रशासनिक स्तर पर कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकला, तो वे न्याय पाने के लिए उच्च अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे. अगर जिले के डॉक्टर हड़ताल पर चले जाते हैं, तो आपातकालीन सेवाओं से लेकर ओपीडी तक सब कुछ ठप्प हो जाएगा, जिसका सीधा खामियाजा बेकसूर मरीजों को भुगतना पड़ेगा.
Jamui Dr Shalini Clinic Sealing IMA News: दर्जनों दिग्गजों की मौजूदगी में सिविल सर्जन ने दिया जवाब
दूसरी तरफ इस पूरे हाई-प्रोफाइल विवाद और डॉक्टरों की हड़ताल की धमकी के बाद स्वास्थ्य महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जमुई के सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने बेहद नपा-तुला रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल इस मामले में कोई भी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी.
सिविल सर्जन ने बताया कि आईएमए द्वारा सौंपी गई 3 जून 2026 की स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना की प्रति का गहनता से अध्ययन किया जा रहा है. विभागीय प्रावधानों और कानूनी पहलुओं को देखने के बाद ही प्रशासन आगे का रुख स्पष्ट करेगा. सिविल सर्जन से मिलने पहुंचे इस विरोध प्रदर्शन में आईएमए अध्यक्ष डॉ राजीव रंजन, सचिव डॉ नेहाल, डॉ ओम प्रकाश ठाकुर, डॉ अनिल कुमार सिंह, डॉ मनीषी आनंद, डॉ आफताब और डॉ मनीष कुमार समेत दर्जनों प्रमुख चिकित्सक शामिल रहे. अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं.

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