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भास्कर न्यूज|गुमला सदर थाना क्षेत्र के जिलिंगा मौजा में सार्वजनिक धार्मिक स्थल देवी मंडप की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त को आवेदन देकर जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त जमीन वर्षों से गांव के सामूहिक धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों के लिए उपयोग होती रही है। आवेदन के अनुसार, जिलिंगा मौजा थाना नंबर-15 के पार्ट-2 में खाता नंबर-1 के प्लॉट नंबर 485 सहित अन्य प्लॉट सार्वजनिक उपयोग की जमीन के रूप में दर्ज हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इन जमीनों का इस्तेमाल विवाह समारोह, चरागाह, धान मिसनी, पड़हा जतरा और जानी शिकार जैसे सामुदायिक आयोजनों के लिए वर्षों से होता रहा है। देवी मंडप के नाम से चर्चित स्थल भी ग्रामीणों के सामूहिक उपयोग में है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चार अक्टूबर को वे देवी मंडप परिसर और आसपास की जमीन की साफ-सफाई कर रहे थे। इसी दौरान गांव के देवराम भगत अपने परिवार के सदस्यों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने जमीन पर अपना दावा किया। उन्होंने कब्जा करने का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके लिए जमीनदार द्वारा जारी कथित हुकुमनामा दिखाया जा रहा है। उसमें मौजा का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि संबंधित पक्ष द्वारा खाता नंबर-1, प्लॉट नंबर-53 और 5.50 एकड़ जमीन की राजस्व रसीद दिखाई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, विवादित जमीन का नया खाता नंबर-1 है। प्लॉट नंबर-556 और 746 है। इसका कुल रकबा 2.39 एकड़ बताया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान गाली-गलौज हुई। मारपीट की धमकी भी दी गई। इसके बाद पीसीआर वाहन के चालक संजय उरांव समेत अन्य कर्मियों के मौके पर पहुंचने की बात भी आवेदन में कही गई है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि ग्रामीणों को थाना बुलाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि किसी एफआईआर या शिकायत के बिना भी उन्हें धमकाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले को लेकर 14 जुलाई 2026 को भी उपायुक्त को आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने डीसी से पूरे मामले की राजस्व एवं स्थल जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सार्वजनिक धार्मिक स्थल की जमीन को अतिक्रमण से बचाने की मांग भी की है।
धार्मिक स्थल पर कब्जे का आरोप, डीसी से जांच की
