बांका के रजौन फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर बीमारी के समूल खात्मे और माइक्रो फाइलेरिया की पहचान को लेकर रजौन प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग की ओर से ‘नाइट ब्लड सर्वे’ (Night Blood Survey) अभियान पूरी सक्रियता से जारी है। बीते 28 से 30 सितंबर तक नीमा गा
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प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक (BCM) विष्णुदेव कापरी ने बताया कि सोमवार को पुनसिया बाजार स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HWC) में आयोजित पहले दिन के शिविर में कुल 76 ग्रामीणों के रक्त के नमूने लिए गए थे।

वहीं मंगलवार की रात्रि 10 बजे से पुनसिया बस्ती स्थित आंगनवाड़ी केंद्र के समीप दूसरे दिन का शिविर लगाया गया, ताकि गांव के केंद्र स्थल पर होने से सभी टोलों के लोग आसानी से जांच के लिए पहुंच सकें। मंगलवार को समाचार प्रेषण तक करीब 3 दर्जन से अधिक ग्रामीणों के ब्लड सैंपल लिए जा चुके थे।
बीसीएम विष्णुदेव कापरी ने बताया कि इस शिविर में 20 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की जांच की जा रही है और यहां 300 का लक्ष्य पूरा होने तक यह रात्रि शिविर लगातार आयोजित किया जाएगा। इसके उपरांत टीम तीसरे चयनित गांव लहोरिया में सर्वे का कार्य करेगी।
मंगलवार को आयोजित शिविर में जिला स्तरीय टीम की अनुपस्थिति के बावजूद स्थानीय स्वास्थ्य कर्मी पूरी मुस्तैदी से डटे रहे। जांच दल में बीसीएम विष्णुदेव कापरी के साथ सीएचओ दिव्या भारती, जीएनएम आनंद कुमार, राजेश कुमार, एएनएम कंचन कुमारी, पूजा कुमारी, लैब तकनीशियन राजेश रंजन और पीरामल फाउंडेशन से सुमित कुमार सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि फाइलेरिया के सूक्ष्म परजीवी (माइक्रोफाइलेरिया) रात के समय ही मानव रक्त में सक्रिय होते हैं और इसके लक्षण उभरने में कई वर्ष लग जाते हैं। ऐसे में जिन लोगों में कोई बाह्य लक्षण नहीं हैं, वे भी समय पर शिविर पहुंचकर अपनी जांच अवश्य करवाएं और समाज को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग दें।
