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सुपौल के भपटियाही थाना क्षेत्र के गढ़िया पलार में करंट लगने से युवक की मौत की जांच के दौरान पुलिस को 240.09 किलो गांजा मिला। मृत्यु समीक्षा के दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर एसएसबी और भपटियाही थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कोसी नदी के पलार में धान के खेत में छापेमारी की। यहां से गांजा से भरे आठ प्लास्टिक के बोरे बरामद किए गए। भपटियाही थानाध्यक्ष जय प्रकाश चौधरी ने बुधवार शाम करीब 7 बजे बताया कि 6 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे गढ़िया पलार में करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर मृत्यु समीक्षा की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान पलार में गांजा छिपाकर रखे जाने की गुप्त सूचना मिली। वरीय अधिकारियों को सूचना देने के बाद एसएसबी टीम को भी कार्रवाई में शामिल किया गया। आठ बोरों में मिला 240.09 किलो गांजा संयुक्त टीम ने शाम करीब 4:45 बजे कोसी नदी के पलार में धान के खेत की तलाशी ली। इस दौरान उजले रंग के आठ प्लास्टिक के बोरे मिले। जांच में पहले बोरे से 33.780 किलो, दूसरे से 33.630 किलो, तीसरे से 33.830 किलो, चौथे से 33 किलो, पांचवें से 33.730 किलो, छठे से 32.130 किलो, सातवें से 31.350 किलो और आठवें बोरे से 9.450 किलो गांजा बरामद हुआ। सभी बोरों से कुल 240.09 किलो गांजा मिला। वीडियोग्राफी कराकर बोरे किए गए सील बरामदगी की वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद सभी बोरों को सील कर नमूना सुरक्षित रखा गया। आवेदन के अनुसार पदार्थ हाइग्रोस्कोपिक होने के कारण वजन में कुछ अंतर संभव है। शाम करीब 5:55 बजे दंडाधिकारी सह अंचलाधिकारी सरायगढ़-भपटियाही की मौजूदगी में जब्ती की कार्रवाई पूरी की गई। छह लोगों समेत अन्य की भूमिका की जांच मामले में संतोष मेहता, संजय मेहता, विरेंद्र मेहता, सुदीश मुखिया, गगन मुखिया और सुनील मुखिया समेत अन्य की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा पलार तक कैसे पहुंचा। मृतक अजय कुमार उर्फ डेंगरा से जुड़े पहलुओं की भी जांच जारी है। पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब 96 लाख 3 हजार 600 रुपए बताई गई है। हालांकि, पुलिस की ओर से कीमत का आधिकारिक आकलन नहीं बताया गया है।
सुपौल में धान के खेत में 240 किलो गांजा मिला:करंट से मौत की जांच में खुला राज; 8 बोरों में था माल, कीमत ₹96 लाख
