झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी स्कूलों की बदहाल इमारतों और शिक्षकों की भारी कमी पर कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत ने मंगलवार को स्वत: संज्ञान वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दो टूक कहा कि बच्चों की जिंदगी और तालीम से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। कोर्ट ने राज्य सरकार और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को विस्तृत ब्योरा शपथपत्र के माध्यम से दाखिल करने का आदेश दिया है। अदालत ने अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि किसी अप्रिय घटना या हादसे का इंतजार न करें, बल्कि पहले ही सुरक्षा संबंधी तमाम कमियों को दूर करें। जिन स्कूलों के भवन अत्यंत जर्जर या संवेदनशील हैं, उनका तुरंत भौतिक निरीक्षण कराया जाए और आवश्यकतानुसार तत्काल मरम्मत कार्य शुरू हो। सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि राज्य के कई सरकारी विद्यालयों में शिक्षक ही नहीं हैं और कुछ स्कूल महज एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर तय की गई है। महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति : 33 को नोटिस झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत ने महिला पर्यवेक्षिका प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े मामले की सुनवाई की। खंडपीठ ने प्रतिवादी आकांक्षा कुमारी सहित सभी 33 अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। जेएसएससी के खिलाफ अवमानना याचिका माध्यमिक आचार्य नियुक्ति से जुड़े 2,819 अभ्यर्थियों के मामले में हाईकोर्ट के आदेश का तय समय-सीमा में अनुपालन न होने पर अर्पणा कुमारी व अन्य की ओर से अवमानना याचिका दाखिल की गई है। अधिवक्ता चंचल जैन के माध्यम से दाखिल इस याचिका में कहा गया है कि अदालत के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इसके बाद अभ्यर्थियों ने अदालत में याचिका दाखिल की है। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने अभ्यर्थियों से मांगा अंकों का ब्योरा झारखंड में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सेवानिवृत्त जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अध्यक्षता वाली वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी अभ्यर्थियों से उनके प्राप्तांकों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। कमेटी ने निर्देश दिया कि 2 अगस्त 2022 के बाद नियुक्त अभ्यर्थियों से अधिक अंक हासिल करने वाले प्रार्थी अपने कोटिवार व विषयवार अंकों का पूरा विवरण निर्धारित फॉर्मेट में प्रस्तुत करें। अगली सुनवाई अब 14 अक्टूबर को होगी।
