
Balagarh Port Gate System: पश्चिम बंगाल में कोलकाता डॉक सिस्टम (KDS) पर बढ़ते दबाव को कम करने में बालागढ़ एक महत्वपूर्ण कड़ी बनने जा रहा है. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट कोलकाता और इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Inland Waterways Authority of India) ने बुधवार को बालागढ़ में एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम (Extended Port Gate System – EPGS) के बारे में बताने के लिए रोड शो का आयोजन किया. इसका उद्देश्य इस परियोजना में निवेश और कारोबारी भागीदारी की संभावनाओं को सामने रखना था.
538 करोड़ की परियोजना, 2.7 मीट्रिक टन क्षमता
बालागढ़ में प्रस्तावित इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट टर्मिनल और रोड ओवरब्रिज परियोजना की लागत 538.20 करोड़ रुपए है. इसकी क्षमता 2.7 मीट्रिक टन है. यानी यह टर्मिनल सालाना 27 लाख टन कार्गो संभाल सकता है. यह टर्मिनल कोलकाता डॉक सिस्टम से करीब 85 किलोमीटर ऊपर नेशनल वाटरवे-1 पर होगा.
KDS का ट्रैफिक बालागढ़ की ओर शिफ्ट करने की तैयारी
श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह कोलकाता के चेयरमैन रथेंद्र रमन के मुताबिक, बालागढ़ परियोजना का बड़ा उद्देश्य कोलकाता डॉक सिस्टम को डी-कंजेस्ट करना है. जलमार्ग आधारित व्यवस्था होने के कारण परियोजना को पर्यावरण के लिहाज से टिकाऊ भी बताया गया है.
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रेल, सड़क और जलमार्ग तीनों से जुड़ेगा बालागढ़
बालागढ़ परियोजना की खासियत इसकी मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी है. पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्यमंत्री के सलाहकार सुब्रत गुप्ता ने कहा कि परियोजना के लिए रेल, सड़क और जलमार्ग कनेक्टिविटी केंद्र सरकार उपलब्ध करा रही है, जबकि राज्य सरकार औद्योगिक भूमि उपलब्ध करा रही है.
केंद्र-राज्य तालमेल बड़ी ताकत
रोड शो में सुब्रत गुप्ता ने बालागढ़ को केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी भी मिल चुकी है. उनके मुताबिक, केंद्र और राज्य के बीच इस तरह का समन्वय व्यापार, उद्योग और पश्चिम बंगाल के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है.
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अदाणी, जिंदल और लॉजिस्टिक्स कंपनियों की मौजूदगी
रोड शो में प्रमुख कारोबारी और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. इनमें अदाणी, जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर, आईडब्ल्यूएआई और अन्य प्रमुख लॉजिस्टिक्स कंपनियां शामिल थीं. यह बताता है कि बालागढ़ परियोजना को केवल सरकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तौर पर नहीं, बल्कि पूर्वी भारत के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में कारोबारी अवसर के रूप में भी पेश किया जा रहा है.
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