Thursday, October 8, 2026
⚡

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

मौसमी बीमारी… सदर की ओपीडी में मरीजों की संख्या दोगुनी हुई


भास्कर एक्सपर्ट इन दिनों मौसम के तेजी से बदलते मिजाज ने आम जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रही है। सुबह और रात में ठंडक तथा दिन में धूप-गर्मी के उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप अचानक बढ़ गया है। इसका असर सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिल रहा है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना आने वाले मरीजों का आंकड़ा जो पहले 400 के आसपास रहता था, वह अब उछलकर 500 के पार पहुंच गया है। अस्पताल परिसर में सुबह से ही पर्ची काउंटर, दवा वितरण काउंटर और डॉक्टरों के ओपीडी चैंबर के बाहर मरीजों और उनके परिजनों की भारी भीड़ जुट रही है। ओपीडी में इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, दस्त और लूज मोशन से पीड़ितों की है। साथ ही हवा में बदलाव के कारण दमा, हफनी (सांस लेने में तकलीफ) और निमोनिया के मरीजों की परेशानी भी काफी बढ़ गई है। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं। गंभीर रूप से बीमार, डिहाइड्रेशन और दस्त से पीड़ित कई मरीजों को वार्ड में एडमिट भी करना पड़ रहा है। – डॉ. संजय कुमारजनरल फिजिशियन, सदर अस्पताल, बोकारो। ओपीडी में 400 से बढ़कर 500 तक पहुंची संख्या बच्चों और वृद्धों पर रखें नजर बदलते मौसम में तापमान के उतार-चढ़ाव से बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी, खांसी, बुखार, वायरल फीवर और दस्त का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसका मुख्य कारण उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना है। ऐसे समय में परिजनों को उनके प्रति बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। ठंडे पानी और बासी खाने से परहेज कराएं, उन्हें उबला हुआ या हल्का गुनगुना पानी दें और शरीर को ढककर रखें। स्वास्थ्य में जरा सा भी बदलाव दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लें। सदर में ठप अल्ट्रासाउंड सेवाएं, मरीजों को परेशानी एक तरफ जहां मौसमी बीमारियों के कारण सदर अस्पताल में मरीजों का तांता लगा हुआ है, वहीं दूसरी ओर सदर अस्पताल परिसर में मिलने वाली दोनों अल्ट्रासाउंड सेवाएं इस समय पूरी तरह से ठप हैं। जिससे मरीज परेशान हो रहे है। सदर अस्पताल के मुख्य भवन में स्थित सरकारी अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र की मशीन पिछले दो दिनों से खराब पड़ी है। यहां गर्भवती महिलाओं की जांच पूरी तरह मुफ्त की जाती है और रोजाना औसतन 30 से 35 मरीज जांच कराने पहुंचती हैं। मशीन खराब होने से दूर-दराज से आई गर्भवती महिलाओं को बिना जांच कराए ही निराश लौटना पड़ रहा है। सदर अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में बदलाव के कारण मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में दोगुनी से अधिक हो गई है। पहले जहां वायरल फीवर, सर्दी और खांसी के रोजाना 20 से 25 मरीज ही आते थे, वहीं अब यह आंकड़ा 40-45 के पार पहुंच चुका है। अस्पताल में आने वाले मरीजों में सबसे अधिक संख्या बच्चों और वृद्धों की है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम के इस बदलाव में शरीर का तापमान अचानक व्यवस्थित नहीं हो पाता। बुजुर्गों और छोटे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता वयस्कों की तुलना में कम होती है, जिससे वे बहुत आसानी से इंफेक्शन और मौसमी वायरस की चपेट में आ जाते हैं। सदर अस्पताल में इलाज के लिए लाइन में खड़े मरीज व परिजन।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles