
पटना. भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई), मुजफ्फरपुर क्षेत्रीय इकाई और बिहार पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने चरस तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. संयुक्त टीम ने रक्सौल स्थित एक मकान से 5.14 किलोग्राम चरस बरामद की है.
नेपाल से करता था चरस की आपूर्ति
जब्त चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5.14 करोड़ रुपये बतायी गयी है. मामले में रक्सौल निवासी लक्ष्मण और मीरा कुमारी को गिरफ्तार किया गया है. गिरोह का सरगना लक्ष्मण को बताया गया है, जो नेपाल से चरस की आपूर्ति करता था. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चरस की यह खेप मध्य प्रदेश के इंदौर भेजी जानी थी.
मिली थी खुफिया जानकारी
डीआरआई के अनुसार, बिहार एसटीएफ को इस तस्करी नेटवर्क की गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी. इसके बाद डीआरआई, मुजफ्फरपुर और एसटीएफ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की रणनीति बनाई. टीम ने तस्करी गिरोह के प्रमुख सदस्यों, उनके ठिकानों और मादक पदार्थों की ढुलाई के तरीके का पता लगाने के लिए भारत-नेपाल सीमा से सटे दुर्गम इलाकों में लगातार पांच दिनों तक निगरानी की.
शनिवार तड़के चलाया तलाशी अभियान
निगरानी के दौरान शुक्रवार की देर रात टीम को सूचना मिली कि सीमा से सटे रक्सौल में एक मकान में चरस छिपाकर रखी गई है. यह भी आशंका जताई गई कि तस्करी नेटवर्क का सरगना उस समय मकान में मौजूद हो सकता है. सूचना की गंभीरता को देखते हुए डीआरआई ने एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की सहायता से शनिवार तड़के तलाशी अभियान चलाया।
10 पैकेटों में छिपाकर रखी गई थी खेप
तलाशी के दौरान मकान से चरस के 10 पैकेट बरामद किए गए. इनका कुल वजन 5.14 किलोग्राम पाया गया. अधिकारियों के अनुसार, बरामद चरस नेपाल मूल की है. मौके से दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के संबंधित प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया. जब्त मादक पदार्थ को भी विधिवत जब्त कर लिया गया है.
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सप्लाई चेन की जांच में जुटी एजेंसियां
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार सीमा पार से मादक पदार्थों की आपूर्ति और देश के दूसरे हिस्सों तक उनकी ढुलाई से जुड़े हो सकते हैं. हालांकि, पूरे नेटवर्क की भूमिका और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर चरस की खेप के स्रोत, तस्करी के रास्ते, संभावित खरीदारों और इंदौर तक इसकी आपूर्ति की योजना का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. जांच एजेंसियां अब नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और तस्करी की पूरी शृंखला का खुलासा करने में जुटी हैं.
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