सरना प्रार्थना सभा जिला समिति के अध्यक्ष प्रो. धोइया उरांव की अध्यक्षता में लड़की दीपू में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रो. धोइया उरांव, सरना प्रार्थना सभा के केंद्रीय अध्यक्ष जगलाल उरांव ने कड़े शब्दों में कहा कि सरना धर्म में किसी भी प्रकार का बाहरी धार्मिक हस्तक्षेप और दबाव अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाला पच्चो (चाला आयो) से जन्म लेने वाले लोग ही सरना धर्म के पदधारी व धर्मगुरु हो सकते हैं। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक व धार्मिक नियमों का उल्लंघन करके सरना स्थलों की अवैध घेराबंदी की जा रही है। गलत तरीके से मनगढ़ंत प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। यह न केवल सरना समाज के अस्तित्व और गरिमा के खिलाफ है। इससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। समिति ने ऐसे कार्यों की कड़ी निंदा की। नए क्रिश्चियन समाज को सावधान रहने की चेतावनी दी। सरना समाज को नुकसान पहुंचाने वाले अनैतिक कृत्यों से दूर रहने को कहा। सरना प्रार्थना सभा जिला समिति ने पूरे सरना समाज से एकजुट होने का संदेश दिया। अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा व धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए आगे आने को कहा।
