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3,830 MW of power is available in the state; demand is 3,000 MW.

रांची23 घंटे पहले

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पावर सेक्टर में झारखंड अब बिजली बेचने की स्थिति में पहुंच गया है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के पास विभिन्न स्रोतों से करीब 3,830 मेगावाट बिजली उपलब्ध है, जबकि गर्मी के पीक आवर में राज्य की अधिकतम मांग करीब 3,000 मेगावाट रहती है। अनुकूल स्थिति में लगभग 500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली पावर एक्सचेंज के जरिए बेची जा रही है। इससे प्रतिदिन करीब 7.5 करोड़ रुपए का कारोबार और खर्च घटाने के बाद 51 लाख रुपए मुनाफे का अनुमान है। इस हिसाब से मासिक कारोबार 225 करोड़ व मुनाफा 15.30 करोड़ रुपए हो सकता है।

पतरातू और नॉर्थ कर्णपुरा से 2020 मेगावाट बिजली

झारखंड में बिजली उपलब्धता बढ़ने की बड़ी वजह पतरातू और एनटीपीसी के नॉर्थ कर्णपुरा बिजली संयंत्र हैं। पतरातू से 1,360 मेगावाट और नॉर्थ कर्णपुरा से 660 मेगावाट बिजली उपलब्ध होने का दावा है। दोनों को मिलाकर 2020 मेगावाट बिजली होती है। इसके अलावा तेनुघाट थर्मल पावर प्लांट से करीब 300 मेगावाट और सिकिदिरी हाइडल से 100 मेगावाट बिजली मिलती है। गेतलसूद फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट से भी 80 मेगावाट बिजली मिल रही है।

कहां से कितनी बिजली उपलब्ध

जा समिति और स्थान क्षमता/उपलब्धता
पतरातू थर्मल प्लांट 1,360 मेगावाट
एनटीपीसी नॉर्थ कर्णपुरा 660 मेगावाट
तेनुघाट थर्मल प्लांट 300-320 मेगावाट
सिकिदिरी हाइडल करीब 100 मेगावाट
गेतलसूद फ्लोटिंग सोलर 80-90 मेगावाट
सेंट्रल पूल करीब 700 मेगावाट
डीवीसी करीब 600 मेगावाट

बिजली से आय

प्रतिदिन बिक्री 7.5 करोड़ प्रतिदिन मुनाफा 51 लाख 30 दिन में बिक्री 225 करोड़ 30 दिन में मुनाफा 15.30 करोड़

मगर जीरो पावर कट सपना

पावर सेक्टर में भले ही झारखंड ऊंची उड़ान की ओर है। मगर अब भी रांची-झारखंड में जीरो कट पावर का सपना अधूरा है। झारखंड में वितरण व्यवस्था में लीकेज के कारण अब भी अनचाहे पावर कट एक बड़ी समस्या है। वितरण व्यवस्था में सुधार के बिना जीरो कट का सपना अधूरा रहेगा।

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